बैंक से क्लर्क की नौकरी छोड़कर यह महिला बालोद नपा के स्कूल में सेवा भाव से बनी थी टीचर, आज हुई रिटायर तो भावुक हुए बच्चे व शिक्षक

बालोद । नगर पालिका द्वारा संचालित बालमंदिर में लंबे समय से शिक्षिका के रूप में सेवारत रही लक्ष्मी पवार आज सेवानिवृत्त हो गई। लक्ष्मी पवार बचपन से ही पढ़ने में रुचि होने के कारण जगदलपुर में कृषि विकास बैंक में क्लर्क की नौकरी छोड़ 1987 से नगर पालिका बालमंदिर बालोद में शिक्षा/सेवा देना प्रारंभ की। सन 2000 में प्राथमिक शाला तत्पश्चात सन 2010 से वर्तमान तक पूर्व माध्यमिक शाला में प्रधान पाठक के रूप में पदस्थ रही। अपने 32 वर्ष के सेवा कार्य मे हजारों छात्रों को शिक्षित किया और वर्तमान समय मे बहुत से छात्र सरकारी सेवा में है, जिसमें से कुछ छात्र शिक्षक, डॉक्टर, तो कुछ व्यवसाय के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

आज उनके विदाई समारोह में नगर पालिका बालोद के सभी अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। लक्ष्मी पवार ने अपने विदाई के अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि एक गरीब परिवार से होने के बावजूत उन्होंने सघर्ष कर आज यह मुकाम हासिल की। जीवन में सभी तरह के उतार चढ़ाव देखने के बाद आज अपने पद से विमुक्त होकर जाने का मन तो नही है, पर कुछ नियमों का पालन करते हुए आज मै सेवानिवृत्त हो रही हूँ, परंतु इस कार्य से विमुक्ति मझे मरणोपरांत ही मिलेगी। सेवानिवृत्त के बाद भी मै छात्रों को शिक्षित करती रहूंगी।

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