बालोद जिले के अधिकारी भी करते रहे खोजबीन
बालोद। सोशल मीडिया में एक पोस्ट दिनभर वायरल हो रहा था वह यह की एक बच्ची की तस्वीर के साथ मैसेज आया था कि यह बच्ची भानूप्रतापपुर ब्लाक के ग्राम बोगर में मिली है। जो अपने पिता का नाम कौशल निवासी कुसुमकसा बता रही है और जो भी बच्ची के परिजनों को जानते हो बोगर सरपंच ज्ञान सिंह गौर से संपर्क करें। क्योंकि सोशल मीडिया में इस तरह के पोस्ट काफी वायरल होते हैं और लोग एक दूसरे से काफी शेयर करते हैं यह पोस्ट भी थमा नहीं और एक जिले से दूसरे जिले में पहुंचता रहा। कुसुमकसा बालोद जिले में हैं। भानुप्रतापपुर के बाद डौंडी और फिर दल्ली से पहले बालोद रोड पर कुसुमकसा है। ऐसे में लोग इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करते रहें। ताकि कोई कुसुमकसा के लोग बच्ची को पहचान सके और सोशल मीडिया के जरिए ही जैसे तैसे बच्ची के परिजनों तक बात पहुंची। पर बच्ची कुसुमकसा की नही बल्कि पुसावडकसा की निकली। लेकिन पोस्ट में कुसुमकसा के पते का जिक्र होने से बालोद जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित भी इसकी छानबीन में जुटी रहे और बच्ची के परिजनों की तलाश करते रहे। जब हमने भी वास्तविकता जानने की कोशिश की तो बात सामने आई की बच्ची द्वारा तोतलाते हुए अपने गांव का नाम कुसुमकसा बताया गया था। इस वजह से सोशल मीडिया में भी उसी नाम से पोस्ट वायरल हो गया। पर जब परिजन खुद बच्ची को ढूंढते सामने आए तो मालूम हुआ कि वह कुसुमकसा की नहीं बल्कि पुसावडकसा की है। जो कि कच्चे भानुप्रतापपुर क्षेत्र की रहने वाली है। बोगर के सरपंच ज्ञानसिंह गौर ने बताया कि परिजनों का पता चल गया है उन्हें बच्ची को सौंपा जा रहा है। बच्ची ने पहले गांव का नाम कुसुमकसा बताया था। बालोद से भी मेरे पास महिला बाल विकास विभाग के जरिए फोन आया था। उन्हें भी मामले की सही जानकारी दे दी गई है।
वायरल पोस्ट का सच-गुम हुई बच्ची कुसुमकसा की नहीं, निकली इस गांव की पढ़िए खबर?
