बालोद में हुआ धरना प्रदर्शन व रैली
बालोद। जिला सरपंच संघ के बैनर तले जिले भर के सरपंच सहित आवास व अन्य योजना के हितग्राही बुधवार को सड़क पर उतर आए और नया बस स्टैंड में धरना प्रदर्शन के बाद नारेबाजी के साथ रैली निकाली गई। शहर भर में जोरदार प्रदर्शन हुआ। तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया।

ज्ञात हो कि सरपंच संघ की कई प्रमुख मांगे हैं जिन पर अब तक शासन प्रशासन किसी तरह से ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिसका असर सरकार की योजनाओं को क्रियान्वित करने व हितग्राहियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिससे सरपंच भी हलाकान हो गए हैं और यही आक्रोश के रूप में आंदोलन में परिणित हो गए हैं। एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के जरिए सरपंचों ने अपनी समस्याओं पर अपनी आवाज बुलंद की।

दस सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें बालोद जिला के पांचों ब्लॉक के सरपंच शामिल हुए। बालोद जिला अध्यक्ष लेखक चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष पोषण देवांगन सचिव केसू राम गंधर्व, कोषाध्यक्ष तेजराम साहू, बालोद ब्लॉक अध्यक्ष अरुण साहू, गुंडरदेही से डोमन देशमुख, संजय साहू कुरदी, गुरुर से यशवंतपुरी गोस्वामी सहित अन्य ब्लाक के सरपंच व योजनाओं के हितग्राही जिला मुख्यालय बालोद में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए।

यह थी प्रमुख मांगे
प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित राशि तत्काल हितग्राही के खाते में डाला जाए एवं आवास की नई सूची जो ग्राम सभा में अनुमोदित हुआ है उसे पारित किया जाए। निर्माण कार्यों की s-o-r रेट वर्तमान बाजार मूल्य से निर्धारित किया जाए।
रोजगार गारंटी मनरेगा का पिछला भुगतान अविलंब हितग्राहियों के खाते में डाला जाए।पेंशन योजना का लाभ ग्राम सभा में पारित व्यक्ति को दिया जाए।

ग्राम विकास के लिए ग्राम पंचायतों को शासन की योजना के तहत प्रत्येक वर्ष ₹2लाख रु, निर्माण कार्य के लिए दिया जाए। गोठान निर्माण हेतु शासन के द्वारा अलग से राशि प्रदान किया जाए।सरपंच और पंचों को दी जाने वाली राशि सम्मानजनक होना चाहिए।पंचायत कार्यकाल के दौरान अगर कहीं सरपंच का किसी प्रकार से कोई दुर्घटना का शिकार हो जाए तो उन्हें दुर्घटना बीमा निर्धारित की जाए।

ग्रामीण स्तर पर नामांतरण एवं फौती का अधिकार पूर्ववत ग्राम पंचायत को दी जाए। गांव गांव में अवैध शराब की बिक्री जोरों पर है उसे तत्काल पुलिस प्रशासन बंद करें।
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