DAILY BALOD NEWS

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अगले साल के राज्यपाल पुरस्कार के लिए बालोद ब्लॉक से 2 शिक्षकों का चयन, रघुनंदन गंगबोईर और बीएन योगी होंगे सम्मानित

बालोद। अगले वर्ष 2022 शिक्षक दिवस 2021 के लिए राज्यपाल (राज्य स्तरीय) पुरस्कार प्राप्त करने वाले चयनित शिक्षकों की सूची जारी कर दी गई है। इस बार बालोद जिले से बालोद ब्लाक से ही दो 2 शिक्षकों का चयन हुआ है। जिसमें एक भूपेश्वर नाथ योगी, व्याख्याता भौतिक शास्त्र आदर्श शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल बालोद में पदस्थ हैं। तो दूसरे जमरवा हाई स्कूल के व्याख्याता रघुनंदन गंगबोईर है। एक ही ब्लॉक से दोनों रहने वाले हैं। चयन सूची में नाम जारी होने पर बालोद जिले के शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है। ज्ञात हो कि रघुनंदन गंगबोईर अपने नवाचारी गतिविधियां, समाज सेवा और गणितीय कौशल के लिए जाने जाते हैं। उन्हें सत्र 2020 -21 के लिए राज्य शिक्षक सम्मान 2021 हेतु प्रस्तावित/चयन किया गया है। वे शिक्षा के साथ जिला मीडिया प्रभारी छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला बालोद,
अंकेक्षक जिला साहू संघ बालोद, संयोजक अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ तहसील साहू संघ बालोद के पद पर भी हैं।नवाचारी व्याख्याता रघुनंदन गंगबोईर को नवाचार एवं बड़ी से बड़ी संख्या के वर्ग निकालने के सूत्र की खोज के लिए जिला का प्रथम मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण शिक्षा श्री से सम्मानित किया जा चुका है। उनके द्वारा चार प्रकार के नवाचारी गतिविधि जिसमें सर्वप्रथम वर्ग चक्रव्यूह लेखन के साथ विषम संख्याओं के संचयन से वर्ग लेखन त्रिकोण विस्तार से वर्ग लेखन तथा 9 के आवर्ती पहाड़ा लेखन प्रतियोगिता जिसे संबंधित व्याख्याता ने स्वयं तैयार किया है।

यह है भूपेश्वर नाथ योगी के प्रमुख कार्य

उनके द्वारा शिक्षा में नवाचार किया जा रहा है तो वह शाला के विकास में उनके द्वारा यथासंभव योगदान किया जाता है। तो वहीं शासन-प्रशासन से भी मदद ली जाती है। कक्षा शिक्षण को रोचक बनाने के लिए भी वे कम्प्यूटर और प्रोजेक्टर की सहायता लेते हैं। अध्ययन विषय वस्तु को आसानी से याद रखने के लिए माइंड मैपिंग का उपयोग तो छात्राओं को प्रयोगशाला ना ले जाकर प्रयोगशाला को कक्षा में लाकर भौतिक सिद्धांतों को समझने में आसानी करते हैं। कम्प्यूटर सिमुलेशन के प्रयोग से वे टॉपिक को समझाते हैं ताकि कठिन ना लगे। रोलप्ले विधि व ग्रुप डिस्कशन भी अपनाते हैं तो उन्होंने भौतिक जैसे कठिन विषय के अध्ययन को रोचक और सुगम बनाने के लिए विभिन्न मॉडल का भी निर्माण किया है। आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों को पढ़ाने में भी भूमिका निभाते हैं। उन्हें निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराते हैं। समाजसेवी संस्थाओं और दानदाताओं से संपर्क कर उनके लिए पुस्तक और गणवेश की व्यवस्था करते हैं। साथ ही जरूरतमंद बच्चों की फीस तक जमा करते हैं। पढ़ाई में कमजोर बच्चों को अतिरिक्त समय देकर पढ़ाते हैं ताकि वे अच्छे अंक से उत्तीर्ण हो। तो समय-समय पर स्कूल में कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को आमंत्रित कर बच्चों को मार्गदर्शन दिलवाते हैं। जिले के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को विशेष कोचिंग भी देते हैं। ताकि प्रावीण्य सूची में स्थान बना सके। इसके अलावा और भी कई कार्य किए जा रहे हैं। खगोल विज्ञान के अध्ययन को लोकप्रिय बनाने के लिए टेलिस्कोप से अवलोकन करवाते हैं। सूर्य ग्रहण चंद्र ग्रहण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास करते हैं। तो साथ ही समाज में प्रचलित अंधविश्वास जादू टोना के भ्रांति को तोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाते हैं। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के आयोजन में भी सम्मिलित होते हैं।

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