Big News- जांच शिविर की अनदेखी व लापरवाही का नतीजा- पीपरछेड़ी में फिर मिले काेरोना संक्रमित, मितानिन परिवार से 4 संक्रमित, जानकारी छिपाने मरीजो ने प्रतिबंधित क्षेत्र के पोस्टर को भी निकाल नाली में फेंका



बालोद। कोरोना का कहर बालोद ब्लॉक के पीपरछेड़ी में तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना संक्रमण के चलते पीपरछेड़ी में सप्ताह दिनों के भीतर एक ही घर से 4 मरीजो व उनके समीपस्थ घर से भी एक व्यक्ति को कोरोना से संक्रमित पाया गया। वही दूसरी ओर 3, 4 लोगों ने कोरोना से संक्रमित मरीज के संपर्क में आने से अपनी मन की संतुष्टि के लिए शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर Covid-19 टेस्ट करवाये जिनकी रिपोर्ट आज पर्यन्त तक नही पहुंचा है। जिस गांव में कोरोना का एक भी लक्षण नही पाया गया था। वहां आज पर्यन्त लोगो की लापरवाही के चलते 5 मरीज सप्ताह दिनों के भीतर देखने को मिल रहा। तो वहीं लापरवाही इस हद तक देखने को मिल रही है कि जिन घरों में कोरोना के मरीज मिले हैं उस इलाके में लोग ना जाए इसलिए वहां पर कोविड-19 प्रतिबंधित क्षेत्र का पोस्टर लगाया जाता है। लेकिन संबंधित मरीज व उनके परिवार वालों द्वारा उक्त पोस्टर को निकालकर नाली तक में फेंक दिया गया है। जिसे तस्वीरों में भी देख सकते हैं।

ज्ञात हो कि जब पीपरछेड़ी में कोरोना से संक्रमित एक भी मरीज नही पाया गया था तो जिला प्रशासन Covid-19 दंडाधिकारी व पंचायत प्रतिनिधि द्वारा कड़ा रुख अपनाया करते थे तथा नियम व कानून की बाते सुनने को मिलती थी लेकिन अब ग्राम में 5 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए तो किसी प्रकार की कड़ाई देखने को नही मिल रही। पीपरछेड़ी में जिस घर पर 2 महिलाएं मितानिन के पद पर रहकर गांवो में covid-19 की जानकारी दिया जाता था, उन्ही के घर पर 2 लड़किया कोरोना से संक्रमित है। अनभिज्ञता के कारण मितानिन के घर पर आज कुल 4 लोग कोरोना से संक्रमित हो गए है। जिनके इलाज के लिए घर पर ही होम आइसोलेशन सेंटर तैयार कर किया जा रहा है।

शिविर में 10 प्रतिशत लोग ही शामिल हुए
जिले में सर्दी ने दस्तक दे दी है। इसका असर कोरोना मरीजों की संख्या पर पड़ने लगा है।स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोरोना (Covid-19) की रोकथाम के लिए प्रत्येक ग्राम में शिविर का आयोजन किया गया, जिनमे प्रमुख रूप से सर्दी-खांसी से संक्रमित लोगो व कोरोना संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आये हुए लोगो की covid 19 टेस्ट किया गया। वही ग्राम पीपरछेड़ी में जब covid-19 टेस्ट शिविर का आयोजन किया गया तो सिर्फ 10 प्रतिशत लोगो ने ही टेस्ट करवाये, जो व्यक्ति सर्दी खांसी के शिकार थे, वे टेस्ट करवाने पहुंचे भी नही। मितानिनों द्वारा घर घर दस्तक देकर लोगों से जानकारी बटोरे जा रहे थे, किसी के घर सर्दी खांसी से संक्रमित व्यक्ति हो उनकी जानकारी रजिस्टर में दर्ज किया जाना था ताकि उपरोक्त जानकारी उच्च अधिकारियो को दिया जा सके। लेकिन लोगों की लापरवाही व उनकी सोंच को तो देखो, कही जानकारी सही दिया जाए तो कोरोना से ग्रसित निकाल न दे, ये सोच कर जानकारी गलत ही दिया गया। जिनका परिणाम अब देखने को मिल रहा।

दहशत में ग्रामीण, अब क्या होगा
कोरोना से संक्रमित बढ़ते मरीजो की संख्या को देखते हुए गाव में काफी दहशत का माहौल फैला हुआ है। प्रतिदिन गांवो में कोटवार के माध्यम से मुनियादी कर लोगो को जागरूक किया जा रहा कि कोरोना से लड़ने का एक ही मात्र उपाय कि मास्क अवश्य लगावे व दुसरो को लगाने प्रेरित करें। सर्दी खांसी,बुखार होने पर तत्काल डॉक्टरों व मितानिन को जानकारी दे।

प्रतिबंधित क्षेत्र का पोस्टर निकाल कर फेंक दिया गया
मितानिन के घर पर 2 लोग कोरोना से संक्रमित मरीज पाए जाने के बाद भी घर को सील नही किया गया था। परिजन घर से बाहर निकल कर गांव गली चौंक चौराहों में आवागमन करते थे, जिस वजह से गांव में डर का माहौल बना हुया है। इन सब बातों की जानकारी उच्च अधिकारियो को देने के बाद ही घर को पूर्णतः सील किया गया था। कंटेन्मेंट जोन का पोस्टर लगाए गए। जिसे घर वालों ने बगल में फेंक दिया। शासन के नियमो का उल्लंघन व धज्जियां उड़ाए जाने के बाद भी किसी प्रकार से कार्रवाई न करना समझ से परे हुए है।

You cannot copy content of this page