बालोद-
कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने कहा कि जिले में राजीव गंाधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का क्रियान्वयन बेहतर हो। श्री महोबे आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह शासन की महत्वपूर्ण योजना है, जिले में इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री अभिषेक दीवान को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि मजदूरी पर निर्भर है। छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ सत्र में ही कृषि मजदूरी के लिए पर्याप्त अवसर रहता है। रबी सत्र में फसल क्षेत्राच्छादन कम होने के कारण कृषि मजदूरी के लिए अवसर भी कम हो जाता है। कृषि मजदूरी कार्य में संलग्न ग्रामीणों में अधिकतर लघु, सीमांत अथवा भूमिहीन कृषक है। इसमें से भूमिहीन कृषि मजदूर को अन्य की अपेक्षा रोजगार के कम अवसर ग्राम स्तर पर उपलब्ध होते हैं। राज्य शासन द्वारा ऐसे वर्ग को संबल प्रदाय करने की दृष्टि से राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रारंभ किया जा रहा है।
कलेक्टर ने बताया कि इस योजना का उद्वेश्य ग्रामीण क्षेत्र में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की पहचान करना तथा भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को वार्षिक आधार पर आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराना व आर्थिक अनुदान के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि करना है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से लागू होगी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत हितग्राही परिवार की पात्रता दिनांक 01 अप्रैल 2021 होगी अर्थात 01 अप्रैल 2021 की स्थिति में योजना के अंतर्गत निर्धारित पात्रता होनी चाहिए। योजना अंतर्गत पात्रता केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को होगी। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे सभी मूल निवासी भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे जिस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है। पट्टे पर प्राप्त शासकीय भूमि यथा-वन अधिकार प्रमाण पत्र को कृषि भूमि माना जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई धोबी, पुरोहित जैसे पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार, वनोपज संग्राहक तथा शासन द्वारा समय-समय पर नियत अन्य वर्ग भी पात्र होंगे, यदि उस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है। उन्होंने बताया कि आवासीय प्रयोजन हेतु धारित भूमि, कृषि भूमि नहीं मानी जाएगी। ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के मुखिया को अनुदान सहायता राशि प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र के साथ राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। अपंजीकृत परिवारों को योजना के अंतर्गत अनुदान की पात्रता नहीं होगी। पंजीकृत हितग्राही परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाने पर उक्त परिवार के द्वारा पात्रता अनुसार नवीन आवेदन योजना के अंतर्गत प्रस्तुत करना होगा। यदि पंजीकृत हितग्राही परिवार के मुखिया के द्वारा असत्य जानकारी के आधार पर अनुदान सहायता राशि प्राप्त की गई हो, तब विधिक कार्यवाही करते हुए उक्त राशि उससे भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जाएगी।
कलेक्टर ने बताया कि योजना के अंतर्गत अंतिम रूप से चिन्हांकित हितग्राही परिवार के मुखिया को छह हजार रूपए अनुदान सहायता राशि प्रतिवर्ष दी जाएगी। योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु इच्छुक ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के मुखिया को निर्धारित समयावधि में राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के पोर्टल आरजीजीबीकेएमएनवाय डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। योजना के अंतर्गत हितग्राही परिवारों के पंजीयन का कार्य 01 सितम्बर 2021 से 30 नवम्बर 2021 तक किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में भुईंया रिकॉर्ड के आधार पर ग्रामवार बी-1 तथा खसरा की प्रतिलिपि चस्पा की जाएगी, जिससे भू-धारी परिवारों की पहचान स्पष्ट हो सके तथा भूमिहीन परिवारों को आवेदन भरने में सुविधा प्राप्त हो सके। हितग्राही परिवार को आवश्यक दस्तावेजों यथा आधार नम्बर, बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ आवेदन सचिव, ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा । आवेदन में यथासंभव मोबाईल नंबर का भी उल्लेख करना होगा। हितग्राही परिवार आवेदन की पावती ग्राम पंचायत सचिव से प्राप्त कर सकेगा। प्राप्त आवेदन ग्राम पंचायत सचिव द्वारा ग्रामवार, ग्राम पंचायतवार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत में निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करना होगा। जहॉ पोर्टल में इसकी प्रविष्टि की जाएगी। पोर्टल में की गई प्रविष्टियों का कृषि भूमिधारिता के संबंध में पुनः परीक्षण राजस्व अधिकारी (नायब तहसीलदार, तहसीलदार) द्वारा भुईंया रिकॉर्ड को आधार मानते हुए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के पोर्टल में प्रदर्शित प्रक्रिया के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा पंजीयन की कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत निम्नांकित श्रेणियों के परिवार, व्यक्ति अपात्र होंगे:- नगरीय क्षेत्रों के रहवासी परिवार या व्यक्ति। वे व्यक्ति जो किसी संवैधानिक पद को धारण करते हैं अथवा करते थे तथा वे व्यक्ति जो केन्द्र शासन, राज्य शासन के किसी भी मंत्रालय, विभाग या कार्यालय और उसकी क्षेत्रीय इकाई में कर्मचारी और या अधिकारी के रूप में सेवा करना जारी रखते है या करते हैं अथवा सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवा के अंतर्गत संविदा पर काम करने वाले अधिकारी, कर्मचारी भी सम्मिलित माने जाएंगे।
बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, एस.डी.एम. बालोद श्री आर.एस.ठाकुर, एस.डी.एम. गुण्डरदेही श्री भूपेन्द्र अग्रवाल, एस.डी.एम. डौण्डीलोहारा श्रीमती प्र्रेमलता चंदेल, एस.डी.एम. गुरूर श्री अमित श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर श्री अभिषेक दीवान, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपलान अधिकारी श्री हेमंत ठाकुर, समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आदि मौजूद थे।
