BIG NEWS. आखिर किसानों ने क्यों कहा, भूपेश सरकार होश में आओ, मोदी सरकार होश में आओ देखिए वीडियो व खबर

किसानों ने किया प्रदर्शन

बालोद। बालोद जिला मुख्यालय से लगे हुए ग्राम झलमला के बस स्टैंड में आज किसानों का समूह मोदी और भूपेश दोनों ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आया। दोनो सरकार द्वारा जो वादे किए गए थे उन्हें पूरा न कर पाने के कारण किसानों में नाराजगी है। जिसके चलते छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में आंदोलन शुरू हो गया है। जिसका पहला सांकेतिक प्रदर्शन हुआ। पहले से ही संगठन द्वारा बैठक लेकर इस प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई थी। जिसके चलते पुलिस प्रशासन भी अलर्ट रहा। झलमला चौक पर प्रदर्शन के बाद किसान संगठन के लोग कलेक्टर दफ्तर जाकर ज्ञापन सौंपने वाले थे लेकिन अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंच गई और उसे ज्ञापन लेने लग गई।

उस पर संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि हम कलेक्टर या अपर कलेक्टर से ही अपनी मांगों को लेकर चर्चा करने जाएंगे। ज्ञापन लेने के लिए पहुंची तहसीलदार रश्मि वर्मा ने समझाया कि वहां जाकर भीड़ नहीं बढ़ाना है। इसलिए ज्ञापन यही दे दीजिए। तो संगठन के एड. राजकुमार गुप्त ने मौके पर अपर कलेक्टर वाजपेई को ही फोन लगाकर कहा कि हम मिलने के लिए तो आ सकते हैं न। जब अपर कलेक्टर ने फोन से ही हामी भरी तो किसानों के संगठन ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मोदी और भूपेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। अब 5 नवंबर को मांगे पूरी ना होने की दशा में चक्काजाम की तैयारी भी की जा रही है। इस संबंध में भी शासन प्रशासन को ज्ञापन के जरिए अल्टीमेटम दिया गया है।
ये हैं इनकी मांगे

किसान बघेल सरकार से इस बात से नाराज थे कि हर साल धान खरीदी आमतौर पर 1 नवंबर से शुरू होती है जिसे पिछले साल से एक माह बढ़ाकर 1 दिसंबर से खरीद कर रही है जिसके कारण किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सूखत के रूप में 5% तक वजन में भी हानि हो रही है,
किसानों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस साल केंद्र सरकार राज्य से 25% अधिक चांवल 60 लाख टन की खरीदी कर रही है। इसके अलावा धान से इथेनाल बनाने की अनुमति भी मिल गई है। बदली हुई परिस्थिति में सरकार को किसानों का धान प्रति एकड़ 10 क्वि. की दर से खरीदी करना चाहिये,
किसान बघेल सरकार को चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा गया कि दो साल का बकाया बोनस की राशि किसानों को आजतक नहीं मिली है। गेंहू, चना आदि उपजों की सरकारी खरीदी करने का वादा भी अब तक पूरा नहीं हुआ है।

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन की बालोद जिला कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को 7 सूत्रीय मांगपत्र दिया गया है। जिसमें उक्त मांगों के अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना में सभी किसानों को शामिल करने और 10 हजार रूपये प्रति एकड़ आदान राशि का भुगतान जून माह तक एकमुश्त भुगतान करने और सिंचाई पंपों की बिजली सब्सिडी के बराबर राशि गैर बोर वाले किसानों को भी देने की मांग की गई है। किसानों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के एड. राजकुमार गुप्त ने कहा कि केंद्रीय कानून से व्यापारियों को देश में कहीं भी किसानों के उपज की लूट करने की आजादी मिल गई है, केंद्रीय कानून में कृषि उपजों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम में नहीं होगी इस बात की कोई गारंटी नहीं है, आवश्यक वस्तु अधिनियम से अनाज, आलू, प्याज आदि को बाहर करने का असर प्याज की जमाखोरी और मुनाफाखोरी के रूप में दिखाई देने लगा है और 30/- के भाव का प्याज उपभोक्ताओं को 100/- के भाव से खरीदने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है। आज के प्रदर्शन में उत्तम चंद्राकर, बद्रीप्रसाद पारकर, संगठन के बालोद जिला अध्यक्ष हुकूमलाल साहू, जिला के सहा. महासचिव पुष्कर चंद्राकर, डौंडी ब्लाक के अध्यक्ष बड़कू लाल, ताम्रध्वज साहू, प्रेम शंकर साहू सहित अन्य किसान शामिल थे ।

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