बालोद। बालोद के अधिवक्ता भेष साहू के जरिए एक और पीड़ित किसान को उनके हक का पैसा मिल पाया। दरअसल में सहारा कोऑपरेटिव नाम की डौंडीलोहारा शाखा से उसने स्कीम के तहत पैसा जमा किया था। जो कि 2020 में परिपक्व यानी मैच्योरिटी भी हो चुका था ।लेकिन कंपनी द्वारा पैसा देने से टालमटोल किया जा रहा था। उसे बहुत घुमाया जा रहा था। इस पर हताश होकर किसान ने वकील भेष साहू के जरिए उपभोक्ता फोरम में केस किया। फिर उपभोक्ता फोरम ने किसान के पक्ष में फैसला देते हुए संबंधित कंपनी को क्षतिपूर्ति राशि सहित जो भी योजना के तहत उसे लाभ मिलना था व 6% ब्याज सहित सभी राशि का भुगतान करने के लिए आदेश जारी किया। इस आदेश पर किसान ने वकील का आभार जताया। तो वही वकील ने लोगों से अपील की है कि ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है। इसलिए अपने अधिकारों के प्रति उपभोक्ताओं को जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने उपभोक्ता फोरम दुर्ग के न्यायिक की सराहना भी की। जो इस लॉकडाउन और कोरोना काल के दौरान भी काम कर रहे हैं और फैसले सुना रहे हैं। उपभोक्ता फोरम दुर्ग के द्वारा न्यायिक लॉक डाउन में भी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दे रहें हैं। वर्तमान समय में सहारा कंपनी के द्वारा संचालित योजनाओं में परिपक्वता तिथि पूर्ण होने के बाद भी, उपभोक्ताओ को भुगतान करने में की जा रही है अनदेखी के कारण से फोरम में ढेरो मामला लंबित है। ऐसा ही मामला पीड़ित किसान ग्राम आवरी, चारामा निवासी अशोक सिन्हा का है। जो अपने बच्चों के उच्च शिक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने मेहनत पसीने की कमाई से प्राप्त रकम को जमा कर रखा था। सहारा कोऑपरेटिव शाखा लोहारा के लुभवाने वाली बातों में आ कर कुल 01 लाख रु जमा किया था। जो 7 फरवरी 2020 को परिपक्व होने के बाद भी उक्त रकम को भुगतान करने में हिल हवाला कर रहा था। जिससे परेशान हो कर उपभोक्ता अशोक ने अधिवक्ता भेषकुमार साहू से मिल कर अपनी पीड़ा बताने पर अधिवक्ता ने विधिक नोटिस दे कर उपभोक्ता फोरम दुर्ग में परिवाद पेश किया था। जिस पर न्यायालय में उपभोक्ता अशोक को बड़ी राहत देते हुए जमा रकम को, क्षतिपूर्ति सहित 289200 ₹ एवं अलग से भुगतान तिथि तक 6% वार्षिक व्याज का भुगतान करने का आदेश सहारा कोऑपरेटिव शाखा लोहारा के विरुद्ध पारित किया है। गरीब किसान अशोक सिन्हा एवं उसके परिवार वालों ने उक्त फैसले पर न्याय की जीत कहते हुए साहू अधिवक्ता को धन्यवाद व शुभकामनाएं दी।
