
बालोद/ अर्जुन्दा।
थाना अर्जुन्दा क्षेत्र के 16 वर्ष 11 माह उम्र की नाबालिक पिछले तीन महिने से गायब थी।बालोद पुलिस एक विशेष टीम के माध्यम से अपहृत बालिका को बरामद तथा आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा नवगठित महिला विरूद्ध अपराध मानिटरिंग सेल में जिला
बालोद के आजतक केवल एक ब्लेक अर्लट प्राप्त इस मामले को सुलझाया गया। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना अर्जुन्दा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम के प्रार्थी थाना आकर एक लिखित आवेदन पेश किया कि उसकी नाबालिक नतनीन दिनांक 07.04.2021 के सुबह 08/30 बजे काम करने जा रही हूॅ कहकर घर से निकली थी जो शाम 06/00 बजे तक वापस नही आने पर प्रार्थी द्वारा नाबालिक का पता तलास किया जो पता नही चला नाबालिक बालिका को किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने कि रिपोर्ट पर थाना अर्जुन्दा में अपराध क्रमांक 48/2021 धारा 363 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान पीडि़ता के तालास हेतु उनके निकटम सखी सहेलियों व रिस्तेदारो के संबध से जानकारी ली गई जो कोई पता नही चला।
एक बार में नही मिली सफलता
मामले की गंभीरता को देखते हुये तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जीतेन्द्र सिंह मीणा व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.आर.पोर्ते के निर्देषन पर तथा उप पुलिस अधीक्षक दिनेष कुमार सिन्हा के पर्यवेक्षण में अपहृता के शिक्षा ग्रहण स्थान का पता कर दिनांक 30.06.2021 को उनि विरेन्द्र सिंह नुरेसिया तथा प्रआर. भुनेष्वर मरकाम के हमराह के विशेष टीम अपहृता के पूर्व में निवासरत स्थान ग्रामथाना कान्हन, जिला नागपुर महाराष्ट्र के लिये टीम रवाना किया गया। वहां पहुचकर पता तलाश करने पर ज्ञात हुआ कि अपहृता के पूर्व निवासरत मोहल्ले के एक व्यक्ति पर संदेह व्यक्त किया गया। जिसके संबध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई व उनके घर परिवार के सदस्यो का मोबाईल नम्बर ट्रेस कर पुछताछ करने से किसी प्रकार जानकारी प्राप्त नही हुआ। संदेही के आधार पर संभावित परिवारिक निवास स्थलों पर पता करते जिला अमरावती थाना राजपेठ क्षेत्र माया नगर मे संदेही के दोस्त व रिस्तेदारो को संपर्क कर अपहृत बालिका व संदेही आरोपी का पता तलास किया गया जिसका किसी प्रकार से पता नही चलने से परिवार के सभी सदस्यों से लगातार फोन द्वारा पुछताछ कर अपहृता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, परन्तु अपहृता तथा संदेही का किसी प्रकार से पता न चलने पर टीम के द्वारा मुखबीर तैनात कर दिनांक 05.07.2021 को थाना अर्जुन्दा वापसी की गई।
नए एसपी के आने के बाद सुलझा केस
मामले को संवेदनशीलता से लेते हुये नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार के निर्देशन में मुखबीर से सूचना प्राप्त होने पर 05.07.2021 को ही पुनः जबलपुर मध्यप्रदेश के लिये टीम भेजी गयी जो जबलपुर में संदेही के बहन के घर होने के अंदेशा पर वहां पहुचकर संभावित जगहो पर पता तलाश किया गया। पता तलास के दौरान अपहृता व संदेही आरोपी विजय उर्फ राजेष कैथवास(श्रीवास) पिता जागेष्वर कैथवास, उम्र 27 वर्ष, साकिन वाधधरे वाड़ी तारसा रोड़ कान्हन तहसील पारषिवनी, थाना कान्हन जिला नागपुर (महा.) वहां मिले। जहां अपहृता को बरामद कर तथा संदेही आरोपी को पुलिस कब्जा लेकर थाना अर्जुन्दा लाया गया। महिला अधिकारी से पीडि़ता का कथन कराया गया जो पीडि़ता के कथन के आधार पर प्रकरण मे धारा 366,376(2)(ढ़) भादवि, 4,5(ठ),6 पास्को एक्ट जोड़ी गई है तथा प्रकरण के आरोपी राजेश कैथवास को 6 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
इनकी रही भूमिका
उक्त संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी अर्जुन्दा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, उनि विरेन्द्र नुरेसिया, प्रआर. 1636 भुनेष्वर मरकाम,आर. 1948 बनवाली राम साहू, मआर. 211 महेष्वरी एंव अन्य थाना अर्जुन्दा स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
