बालोद। विभिन्न मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य मितानिन संघ ज्ञापन देकर आंदोलन की तैयारी कर रहा।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मितानिन संघ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने की तैयारी में है। इस संदर्भ में कलेक्टर, सीएमएचओ व बीएमओ ऑफिस जाकर ज्ञापन दिया गया। चरणबद्ध आंदोलन के पूर्व संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री भी से मुलाकात कर अपनी मांग को रखेगा। ज्ञापन में मोबाइल लोकेशन बंद करने की मांग प्रमुखता से की गई है। मितानिनों ने बताया कि स्वास्थ्य संचनालय से आदेश जारी किया गया है कि स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम के कार्यकर्ताओं को मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्य करना है। जिसका प्रदेश के सभी जिलों से विरोध दर्ज किया गया है। मोबाइल लोकेशन की अनिवार्यता समाप्त नहीं की गई तो प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ के द्वारा चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। वे स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम स्वयंसेवी है तथा मितानिन कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के साथ कोरोना काल सहित कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। छोटे स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं के साथ मोबाइल लोकेशन जैसा कार्य मानसिक प्रताड़ना है। मीणा देवदास ने बताया कि स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम में मोबाइल लोकेशन प्रारंभ करने के पूर्व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी के लिए मोबाइल लोकेशन प्रारंभ करें। प्रेमा देशमुख, आशा साहू, अनिता रामटेके ने कहा कि स्वास्थ्य मितानिन कार्यक्रम का राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न मांगों को लेकर शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।
यह समस्या भी रखी गई
ज्ञापन के जरिए मांग किया गया कि हम लोग बहुत ही कम क्षतिपूर्ति राशि पर काम करते हैं। अवकाश के दिनों में भी रिपोर्ट व अन्य जानकारी देने हेतु दफ्तर समय के अलावा तक काम करते हैं किंतु स्वास्थ्य विभाग के नियमित संविदा कर्मचारी के लिए जीपीएस को उपयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में हमारे स्वयंसेवी के लिए जीपीएस के माध्यम से लोकेशन व निगरानी प्राप्त आदेश हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से प्रतीत होता है। हम लोगों ने बिना किसी स्वार्थ के मितानिन कार्यक्रम को इस ऊंचाई तक ले गए हैं।किंतु आज जिस ढंग से जीपीएस लोकेशन से हमारे कार्यों की निगरानी करने की बात हो रही है निश्चित रूप से हमारे ऊपर प्रश्नचिन्ह लगाना है। जो हमें बहुत पीड़ा देने वाला है। इसलिए प्रदेश में मितानिन संघ ओडीके व जीपीएस ऐप का बहिष्कार करते हैं और इसका उपयोग न करने के लिए बाध्य न किया जाए। मितानिनों ने कहा कि कार्यक्रम से जुड़े ज्यादातर मितानिन प्रशिक्षक, खंड समन्वयक महिला है। प्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम के मद्देनजर अपना लोकेशन ऑन करने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं । ओडीके ऐप का उपयोग प्रशिक्षकों द्वारा पिछले 7 माह से किया जा रहा है किंतु आज तक इस क्रमिक में कोई भी रिपोर्ट सफलतापूर्वक नहीं भेजा जा सका है। साथ ही समय भी बहुत ज्यादा लग रहा है। बहुत सारे एमटी का शिक्षा मिडिल स्कूल है जिसके कारण उन्हें समझ पाने में परेशानी भी हो रही है। कुछ मितानिन प्रशिक्षक कीपैड मोबाइल का उपयोग करते हैं। 25वीं चरण के प्रशिक्षण के दौरान भी जीपीएस के लोकेशन शेयर नहीं करने पर राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र के साथ सहमति बनी थी। किंतु संचनालय स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से पत्र जारी कर वादाखिलाफी की जा रही है। मितानिन प्रशिक्षकों ने कहा कि शासन द्वारा 5 जून को पत्र जारी कर मितानिन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वयक, विकासखंड समन्वयक, स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक, हेल्पडेस्क फेसीलेटर और मैदानी प्रशिक्षकों को आदेशित किया गया है कि जून से समस्त कार्यरत मितानिन समन्वयकों व प्रशिक्षकों का मोबाइल ऐप के माध्यम से रिपोर्टिंग और लोकेशन प्रति दिवस भेजना है। जिसका मितानिन विरोध कर रहे हैं। ज्ञापन सौंपने के लिए ललिता, संतोष, यशोदा ठाकुर सहित अन्य पहुंचे थे।
