12 वर्ष के कम उम्र की लड़कियों एवं बालिकाओं का यदि शारीरिक शोषण किया जाता है तो सीधे मृत्यु दंड का भी प्रावधान, जागरूकता कार्यक्रम में टीआई रोहित मालेकर ने कही ये बात



गुंडरदेही

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आर टीआई जागरूकता संगठन के महा सदस्यता अभियान व महिला जागरूकता अभियान के लिए बालोद जिले के गुण्डरदेही तहसील के साहू सदन में मीटिंग का आयोजन किया गया। गुण्डरदेही बाजार चौक साहू सदन में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आर टी आई जागरूकता संगठन भारत का संदेश एवं उनके उद्देश्य को जन जन तक पहुंचाने के लिए महिला जागरूकता अभियान के स्वरुप में एक दिवसीय कार्यशाला एवं सदस्यता अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष श्रीमाति गीतेश्वरी बघेल एवं विशिष्ट अतिथि थाना प्रभारी रोहित मालेकर गुण्डरदेही थे।

अध्यक्षता अतिथि विजय कुमार देशलहरे प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ, पुनीत राम सेन प्रदेश संगठन प्रभारी छत्तीसगढ़, जिला अध्यक्ष खेमराज पाटील , दुर्ग जिला प्रभारी केशव चंद्राकर दुर्ग जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ ओमबाई साहू , दुर्ग जिला कानून सलाहकार ‌निलमणि देवांगन मौजूद रहे। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में महिलाओं एवं बच्चों के अलावा भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों की जानकारी दी। जिसमें महिलाओं के ऊपर होने वाले अन्याय अत्याचार उत्पीड़न से डरें नहीं लड़े कहते हुए थाना प्रभारी ने महिलाओं को बताया प्रत्येक नागरिक को जो जीवन जीने का अधिकार है वहीं हमारी मौलिक अधिकार है। सती प्रथा, बाल विवाह, दहेज प्रताड़ना, घुंघट प्रथा जैसे प्रथाओं को महिला प्रताड़ना को मौलिक अधिकारों का हनन बतलाते हुए उपस्थित महिलाओं को जागरूक किया। उपस्थित महिलाओं को कुछ बातें पर सवाल पुछने कहा। जिनका उत्तर भी बखूबी से थाना प्रभारी ने महिलाओं को दिया तथा इस तरह की जागरूकता में अपनी समय देने की बात कही। संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सांगेश कुमार भाटी आदेशानुसार संगठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य की कोने कोने में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आर टी आई जागरूकता संगठन की टीम गठन करने का जिम्मा उठा कर छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ विजय कुमार देशलहरे छत्तीसगढ़ प्रदेश संगठन प्रभारी पुनीत राम सेन प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ गितेश्वरी बघेल जिला प्रभारी केशव, जिला अध्यक्ष खेमराज पाटील,जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ ओमबाई साहू जिला कानून सलाहकार शिवमणि देवांगन इत्यादि संगठन के सदस्य शामिल हुए थे। मीटिंग का आयोजन बालोद जिले गुण्डरदेही तहसील के बाजार चौक साहू सदन में प्रदेश संगठन प्रभारी पुनीत राम सेन के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुण्डरदेही क्षेत्र अंतर्गत के सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थी। जिसमें रत्नप्रभा साहू पुष्पा लता सुनिता साहू माधुरी साहू प्रतिमा देशलहरा अश्वनी साहू झामिन देशमुख थी।

थाना प्रभारी रोहित मालेकर ने महिलाओं को उनके अधिकारों तथा वे कानून से किस प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकते हैं इसके बारे में जानकारी प्रदान की।उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या अपराध है। 12वर्ष के कम उम्र की लड़कियों एवं बालिकाओं का यदि शारीरिक शोषण किया जाता है तो सीधे मृत्यु दंड का भी प्रावधान किया गया है। नाबालिग स्त्रियां के साथ यदि शारीरिक शोषण किया जाता है तो उनके लिए पास्को एक्ट के तहत 20 साल के कारावास का प्रावधान है। यदि किसी महिला को उसका पति त्याग देता है तो आईपीएस की धारा 122 के तहत उनसे भरण पोषण प्राप्त करने के हकदार हैं। संविधान में हमें जिन मौलिक अधिकारों की प्राप्ति हुई है उनके बारे में विशेष चर्चा हुई। प्रदेश संगठन प्रभारी पुनीत राम सेन के द्वारा मीटिंग में बालोद जिला की सैकड़ो महिलाओं को आमंत्रित किया गया था ।उन्हें राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आर टी आई जागरूकता संगठन के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए समाज में सिर उठाकर जीने के रास्ते बताए गए। संगठन में जुड़कर हम सब मिलकर अपने व दुसरो को भी सहायता प्रदान कर सकते हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आर टी आई जागरूकता संगठन भारत के महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष गीतेश्वरी बघेल के द्वारा महिलाओं को संगठन से जोड़ने का आग्रह किया गया। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के भाग 3में मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 12से लेकर के 35 तक मनुष्य को जो मौलिक अधिकार दिए गए हैं वह प्रत्येक नागरिक को सर उठा कर जीने का अधिकार देता है कि स्वतंत्रता के साथ शिक्षा का अधिकार देता है। धर्म की स्वतंत्रता प्रदान करता है। समस्त नागरिकों के लिए एक ऊर्जा के रुप में सूर्य के प्रकाश के रूप जागृत होने और डटकर आसपास हो रहे अन्याय अत्याचार शोषण के खिलाफ एक होकर संघर्ष करने की भी बात बताई। संगठन के उद्देश्यों को बतलाते हुए कहा कि हम सब मिलकर भ्रष्टाचार रिश्वतखोरी कालाबाजारी कन्या भ्रण जैसे सामाजिक बुराईयों एवं प्रर्यावरण संरक्षण मजदुरी कराने के बाद मजदुरी नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराने की बात कही और अपराध मुक्त समाज की स्थापना करने जैसे मूलभुत उद्देश्यों को प्रत्येक नागरिकों को उनके अधिकारों से अवगत कराना तथा उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने में उनकी सहायता प्रदान करना है। यहां प्रत्येक गांव प्रत्येक घर प्रत्येक समाज में महिला तथा पुरुष शोषित हैं।

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