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रील नही, रियल कहानी- वह दोस्ती निभा गया ऐसे? दोस्तों को हादसे के शिकार के बाद मरा समझकर खुद फांसी लगाकर दे दी जान, धमतरी की ये घटना पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चा में आई, पढ़िए खबर

दादु सिन्हा, धमतरी। जय वीरू की दोस्ती, शोले फिल्म सहित ऐसे कई फिल्मी कहानी आपने देखे होंगे। जहां तो दोस्त एक दूसरे पर जान न्यौछावर करते हैं। एक दूसरे के बिना भी रह नहीं पाते हैं। अगर सामने वाले को कुछ हुआ तो दूसरा दोस्त तड़प जाता है। ऐसे ही कुछ कहानी फिल्मी नहीं बल्कि असलियत में सामने आई। जब धमतरी में एक हादसे के बाद दो दोस्त घायल हो होने के बाद बेहोश पड़े थे जिन्हें मरा हुआ समझकर तीसरे घायल दोस्त ने फांसी लगाकर जान दे दी। इस हद तक दोस्ती कोई निभा सकता है यह आज के समय में मुमकिन नहीं होता है पर यह घटना ऐसी ही कुछ बयां करती है। जिसकी चर्चा आज पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही है। गनीमत घायल दोनो दोस्त जीवित हैं। उनकी जान बच गई है पर उन्हें इस बात का मलाल है कि उन्हें मरा हुआ समझकर उनके जिगरी दोस्त ने जान दे दी।

इस तरह हुई ये घटना
काम निपटाकर घर लौट रहे बाइक सवार तीन युवक सड़क हादसे का शिकार हो गए।मामला गुरुवार के रात 10 बजे की बताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिहावा थाना इलाके के ग्राम गिधावा निवासी 5 दोस्त वाल पुट्टी का काम करने कांकेर गए हुए थे। काम खत्म होने के बाद सभी लोग दो बाइक में सवार होकर रात्रि 9 बजे कांकेर से अपने घर गिधावा आने के लिए निकले थे।एक बाइक में तीन लोग सवार थे जो पीछे थे और दूसरे बाइक में दो दोस्त सवार थे। जो थोड़े आगे चल रहे थे। तभी गोरसानाला मोड़ के पास बाइक पेड़ के ठूठ से जा टकराया। जिससे बाइक सवार इस हादसे में संतोष सहारे और देवेंद्र मरकाम बेहोश होकर मौके पर ही पड़े रहे।जिन्हें मरा समझकर बाइक चला रहे मनीष कुंजाम ने दहशत में रोड से पास ही जंगल में फांसी लगा लिया। वह खुद भी घायल हुआ था। कुछ देर बाद आगे चल रहे बाइक सवार दो दोस्त वापस जाकर देखा तो संतोष और देवेंद्र घटना स्थल पर बेहोश पड़े थे और बाइक चला रहे मनीष वहां से गायब मिला। जिसकी शव सुबह ग्रामीणों ने फांसी पर झूलते देखी। इसकी सूचना सिहावा पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस आगे की कार्यवाही में जुट गई है।

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