बालोद/गुंडरदेही – बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोड़ेला, संकुल केन्द्र मोहन्दीपाट में पदस्थ शिक्षक प्रतिभा त्रिपाठी को गुजरात की एडुटर एप संस्था ने एडू वारियर की उपाधि से सम्मानित किया है. इस एप में देश के कई कोने से चुनिन्दा शिक्षकों की कहानी को शामिल किया जाता है. जो दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं. इसी क्रम में संस्था ने बालोद जिले की प्रतिभा की प्रतिभा को भी पहचाना और उन्हें ये सम्मान दिया. ज्ञात हो कि यह वही प्रतिभा त्रिपाठी हैं जिनका चयन कुछ दिन पहले पढ़ाई तुंहर दुआर पोर्टल में “हमारे नायक” के रूप में हुआ था | उनकी कहानी को ब्लॉग लेखक श्रवण यादव, शिक्षक प्राथमिक शाला कोसा विकासखंड गुंडरदेही बालोद जिला ने लिखा था।
अभ्यास पुस्तिका से सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सहभागिता :-
उनके द्वारा अंग्रेजी विषय अध्यापन कराया जाता है | शासन से कक्षावार अंग्रेजी अभ्यास पुस्तिका प्राप्त हुआ था, जिसका उपयोग मोहल्ला क्लॉस के साथ-साथ ऑनलाइन क्लॉस में किए जा रहे हैं | वह मोहल्ला पढ़ाई के दौरान व व्हाट्सअप ग्रुप के माध्यम से बच्चों को अंग्रेजी अभ्यास पुस्तिकाओं के उपयोग व लाभ से अवगत कराया है जैसे, कर्सिव राइटिंग से अक्षर किस तरह लिखना है, निरंतर अभ्यास जारी रख आप अपनी लिखावट भी सुधार सकते हैं | साथ ही बच्चों के घर में उनके पालक उनकी निरंतर सहयोग करते हुए अवलोकन करते हैं व मदद भी कर रहे है | बच्चों के सीखने की स्थिति की जानकारी लेने के लिए श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी द्वारा बच्चों के कक्षावार बने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अभ्यास पुस्तिका की फ़ोटो भेजते है, साथ ही वेबेक्स मीटिंग में व्हाइट बोर्ड की सहायता से भी लिखना सिखाया जा रहा हैं | बच्चों को सिखाने हेतु नवीन प्रयास तहत उनके द्वारा निरंतर गूगल फॉर्म के माध्यम से बच्चों को अभ्यास कार्य व आनलाईन प्रमाण पत्र भी जारी किया जाता है | इसमें बच्चे अपना प्राप्तांक भी देख पाते हैं, साथ ही अंग्रेजी श्रुति लेख भी देख सकते है | शाला प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों के द्वारा भी समय समय पर बच्चों के अभ्यास में प्रयास किया जाता है | इसके अलावा गृहग्राम में निवासरत अन्य स्कूलों के शिक्षकगण भी बच्चों की अभ्यास पुस्तिका पर देख-रेख व बच्चों को सहयोग भी कर रहे हैं | साथ ही साथ ही गाँव के पढ़े लिखे युवा एवं भूतपूर्व स्टूडेंट भी हमारी इस मुहिम में बच्चों को मदद कर रहे हैं | उनके द्वारा बच्चों को अभ्यास करा कर उनका ज्ञानार्जन किया जा रहा है | गाँव में महिला कमांडो समूह द्वारा भी निरतंर बच्चों की अभ्यास में उनकी मदद करते हैं | श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी का मानना है कि अभ्यास पुस्तिका से बच्चों की लिखावट में सुधार, अंग्रेजी वर्णमाला का भी ज्ञान, बिन्दुओं के उपर लिखकर बच्चों को अच्छा भी लगता है | मिस्ड कॉल गुरू जो के तहत भी बच्चों को अध्यापन कराया गया, इसके लिए पहले प्रचार प्रसार हेतु पाम्पलेट छपवाया, जिसमे विषय शिक्षक का नाम, मोबाइल नंबर अंकित था, जिसे गली-मोहल्ले, चौक-चौराहे में लगाकर व सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों के विषयगत समस्याओं का फ़ोन से निवारण किया गया |
ग्राम स्तर पर एक प्रयास ऐसा भी
श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी ने अपने स्कूल में संचालित अन्य गतिविधियों के बारे बताया कि मिडिल स्कूल गोड़ेला में हमारी प्रतिवर्ष 26 जनवरी के दिन स्कूल के भूतपूर्व विद्यार्थियों और गांव में निवासरत कोई भी विद्यार्थी जो किसी भी सरकारी या गैर सरकारी क्षेत्र में कुछ भी उपलब्धि प्राप्त करता है, उसे उनके व्यक्तिगत सलाह और प्रयास से विगत 3 वर्षों से “ग्राम गौरव सम्मान” से सम्मानित किया जाता है | उनके अथक प्रयास से विज्ञान विषय हेतु जनसहयोग प्राप्त कर शाला में विज्ञान प्रयोगशाला निर्माण करने में सफलता प्राप्त किया गया | शाला में हेल्प डेस्क बनाया गया एवं कक्षाकक्ष के बाहर एक ब्लैकबोर्ड बनाया गया, जिसमें बच्चे अपने मन से कुछ लिख कर अपनी अभिव्यक्ति को व्यक्त कर सकता है | इसके अलावा श्रीमती प्रतिभा त्रिपाठी द्वारा अनेकों उपलब्धि प्राप्त किया गया है जिसमें राज्य स्तरीय किलोल पत्रिका में उनकी स्वरचित कविता का प्रकाशन, जिला स्तरीय नवाचार पुस्तिका में नवाचार का प्रकाशन, अपने बच्चों को चाक-किट में भी सहभागिता, जिला स्तरीय इन्सपायर अवार्ड में सहभागिता, पढई तुहर दुआर सम्मान, इस्पायरिंग वूमेन अवार्ड, छत्तीसगढ़ शिक्षक सम्मान, छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान, उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, संकुल स्तरीय सम्मान, यूथ युवा सम्मान, अक्षय शिक्षा प्रबोधक अवार्ड, सावित्री बाई फूले सम्मान, रक्त वीर सम्मान इत्यादि प्रमुख है |
