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गुरुर के इस गांव के ग्रामीण नहीं आ रहे टीका लगवाने, समझाने जाते हैं सचिव तो लोग कहते हैं पहले लिखकर दो कि हमें कुछ नहीं होगा तब लगायेंगे टीका

गुरुर – क्षेत्र के ग्राम तार्री व भरदा के 18 से 44 साल वर्ग के लोग टीका लगवाने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। इससे पंचायत सचिव भी परेशान हो गए हैं। सचिव को ग्रामीणों द्वारा कहा जा रहा है कि हमें लिखकर दो कि हमें कुछ नहीं होगा तभी हम टीका लगाएंगे। तार्री की स्थिति देखें तो यहां की आबादी करीब 17 सौ है। जिसमें 18 से 44 आयु वर्ग के अंत्योदय कार्ड धारियों में सिर्फ 7 लोगों ने ही टिका लगवाया है। तो वही पहले से जो 45 या उससे अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण हुआ है उनमें 300 लोगों ने टीका लगाया है। सचिव का कहना है कि ग्रामीण समझ नहीं रहे हैं और उल्टा हमें लिखित में देने के लिए बात करते हैं। बार-बार उन्हें टीकाकरण को लेकर समझाइश दी जा रही है कि कोई खतरा नहीं है लेकिन ग्रामीण जिद कर रहे हैं कि हमें लिखित में दो तभी हम टीका लगाने के लिए जाएंगे और ग्रामीण एक दूसरे के बीच टीकाकरण को लेकर अफवाह उड़ा रहे हैं कि इससे खतरा है जबकि ऐसी कोई बात नहीं है। इससे पंचायत प्रतिनिधि परेशान हो गए हैं कि ग्रामीणों को कैसे समझाएं तो यही स्थिति ग्राम भरदा में भी देखने को मिल रही है। वहां के सचिव ने भी बताया कि ग्रामीणों में अफवाह के चलते टीकाकरण पिछड़ रहा है। शासन प्रशासन द्वारा वहां जागरूकता रथ भेजकर भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की जा रही है। पर कई लोग अभी टीका लगाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इससे लक्ष्य की पूर्ति भी नहीं हो रही है तो वहीं भ्रांतियां भी फैल रही है। जबकि शासन प्रशासन सहित विभागीय अफसरों द्वारा स्पष्ट किया जा चुका है कि टीकाकरण से कोई खतरा नहीं है। टीका लगने के बाद ही हम कोरोना को मात दे सकते हैं। यह सही है कि टीका लगने के बाद भी दुबारा कोरोना हो सकता है लेकिन उस स्थिति में कोरोना घातक नहीं होगा और पीड़ित जल्दी ठीक भी हो जाएगा। इसलिए टीका लगवाना बहुत जरूरी है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

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