कोरोना संकट में जीत रहा हौसला और नई जिन्दगी- कोरोना पीड़ित दो गर्भवती महिलाओं का हुआ सुरक्षित प्रसव, पढ़िये पॉजिटिव न्यूज़



दादू सिन्हा, धमतरी / बालोद

धमतरी वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोविड-19 वायरस के संक्रमण से कोई वर्ग अछूता नहीं रह गया है। ऐसे चुनौतीपूर्ण दौर में खुद की परवाह किए बिना मरीजों की देखभाल व उपचार करना स्वास्थ्य महकमे के लिए बेहद मुश्किल होता है। कुरूद विकासखण्ड के ग्राम कोड़ेबोड़ में ऐसा ही एक वाकया सामने आया, जिसमें कोराना संक्रमित गर्भवती महिला का सफलतापूर्वक प्रसव कराया गया। कुरूद की ग्राम पंचायत कोड़ेबोड़ के भाठापारा निवासी 23 वर्षीय महिला को कोरोना के प्राथमिक लक्षण थे, जिनका 21 अप्रैल को टेस्ट कराया गया, जिसके बाद वह कोविड धनात्मक पाई गईं। बताया गया कि गांव में स्थापित किए गए आइसोलेशन सेंटर में उन्हें रखा गया। चूंकि उनका प्रसव समय नजदीक था, इसलिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मरौद के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा उनके स्वास्थ्य की सतत् निगरानी की जाती रही। रविवार 25 अप्रैल की दोपहर को उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जिसके बाद महिला को तत्काल मरौद के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में लाया गया। चूंकि वह कोरोना पाॅजीटिव थी, इसलिए विशेष रूप से निगरानी में रखा गया।

केन्द्र की सीएचओ जागृति साहू और ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्रीमती तारा रात्रे ने कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करते हुए पीपीई किट पहनकर जटिल एवं चुनौती भरे प्रसव कार्य को अंजाम दिया। काफी प्रयास के बाद महिला का सामान्य प्रसव कराने में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सफलता मिली और अब जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। प्रसव के बाद दोनों घर पर हैं। उन्हें वापस भेजने से पहले विभाग द्वारा उनके घर को सैनिटाइज कराकर परिजनों को कोविड प्रोटोकाॅल की जानकारी दी गई। इस प्रकार प्रतिकूल परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य अमला अपने विभागीय दायित्वों का निर्वहन बखूबी निभा रहा है, जहां खुद की जान को जोखिम में डालकर मरीजों की सतत् सेवा व उपचार के लिए कृत्संकल्पित है।

बालोद के कुरदी में भी हुआ सुरक्षित प्रसव

बालोद। बालोद जिले में भी कई ऐसी गर्भवती महिलाएं हैं जिनका सुरक्षित प्रसव हुआ है और अब जच्चा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ हैं इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस हद तक जहां कोरोना के केस बढ़ रहे हैं उन सब के बीच भी सुरक्षित प्रसव करवाकर स्वास्थ्य विभाग अपनी एक अलग ही सफलता और मुकाम हासिल कर रही है जो हमें इस संकट से आगे बढ़कर हौसला ना हारने की प्रेरणा देती है। सिर्फ जिला अस्पताल का प्रसव वार्ड ही नहीं बल्कि बालोद जिले के तमाम सरकारी अस्पतालों में भी इन दिनों सुरक्षित प्रसव हो रहे हैं सीएमएचओ जयप्रकाश मेश्राम सहित सिविल सर्जन डॉ एसएस देवदास के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में पदस्थ डॉक्टर स्टाफ नर्स को भी ऐसे हालातों के लिए ट्रेनिंग दी गई है जिससे वे कोरोना से संक्रमित महिलाओं का भी सुरक्षित प्रसव करवा सके और जच्चा और बच्चा दोनों की जान बचा सके ऐसा ही एक सुरक्षित प्रसव कुरदी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी हुआ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुरदी में कोरोना संक्रमित महिला का सफलता पूर्वक प्रसव कराया गया। बच्चा और मां दोनों स्वस्थ है। पीपीई किट पहनकर स्वास्थ्य केंद्र कुरदी में प्रसव हुआ। बच्चा और मां दोनों स्वस्थ हैं। 29 वर्षीय महिला गुंडरदेही ब्लॉक के नवागांव डूंडेरा गांव की रहनी वाली है। कोरोना संक्रमित 29 वर्षीय महिला को रविवार शाम को प्रसव पीड़ा के बाद स्वास्थ्य केंद्र कुरदी लाया गया था। जहां प्रारंभिक तौर पर कोरोना जांच करने पर वह संक्रमित पाई गई। महिला को कहीं ओर रेफर करना खतरे से खाली नहीं था। इसे ध्यान में रखते हुए स्टाफ नर्स ने किट पहनकर महिला का सफलता पूर्वक प्रसव करवाया। रातभर डॉक्टरों व नर्सों की विशेष निगरानी में रहने के बाद सुबह महिला को घर भेज दिया गया है। साथ ही महिला को डॉक्टरों व प्रशासनिक अधिकारियों का नंबर भी दे दिया गया है। किसी भी तरह की समस्या होने पर तत्काल डॉक्टरों व प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर सकती है।

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