यह तस्वीर जशपुर से ली गई है

छग – आज सूरज की सुरत कुछ निराली थी सूरज आज चन्द्रमा की तरह नजर आ रहा था भले उसकी धुप आज बहुत चुभी भी पर नजारा देखने लायक था, मानो सूरज ने अंगूठी पहनी हो. मौसम विज्ञानी एचपी चन्द्रा ने बताया आमतौर पर सूर्य के 22 डिग्री वृत्ताकार प्रभामंडल या कभी-कभी चंद्रमा (जिसे चंद्रमा की अंगूठी या शीतकालीन प्रभामंडल भी कहा जाता है) के रूप में जाना जाता है, यह तब होता है जब सूर्य या चंद्रमा की किरणें सिरस (रेशेदार उच्च स्तर के बादल) बादलों में मौजूद षट्भुज बर्फ के क्रिस्टल के माध्यम से विक्षेपित / अपवर्तित हो जाती हैं। इस तरह के सिरस बादलों का निर्माण आम तौर पर तब होता है जब जल वाष्प बर्फ की क्रिस्टल में पृथ्वी की सतह से पाँच से दस किलोमीटर की ऊँचाई पर बर्फ के क्रिस्टल में जम जाता है, यह ठंडे देशों में एक बहुत ही सामान्य घटना है। लेकिन हमारे देशों में यह घटना दुर्लभ है और इसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती … सूरज के चारों ओर लाल और नीले रंग की अंगूठी लगभग 30 मिनट तक देखी जा सकती है।
मौसम का हाल कल ऐसा होगा

एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका झारखंड से उड़ीसा, तेलंगाना, रायलसीमा, अंदरुनी कर्नाटक होते हुए दक्षिण तमिलनाडु तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई ताकि स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर 1.5 से 2.1 किलोमीटर ऊंचाई ताकि स्थित है। प्रदेश के उत्तरी भाग में उत्तर से हवा तथा दक्षिणी भाग में दक्षिण से हवा आ रही है इसके कारण प्रदेश के उत्तरी भाग में अधिकतम तापमान में मामूली वृध्दि के साथ विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना है जबकि दक्षिण छत्तीसगढ़ में दक्षिण से हवा आने के कारण अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट के साथ विशेष परिवर्तन नहीं होने की सम्भावना है। प्रदेश में कल एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ हल्की वर्षा होने अथवा सीता पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड भी चलने की संभावना है ।
