बस थोड़ा इंतजार और… बालोद में आरटीपीसीआर लैब मई में खोलने की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन, कुछ ही घंटे में मिलेगी रिपोर्ट, पढ़िये इस लैब का किस तरह मिलेगा जिले वासियों को लाभ



बालोद-  जिले में रियल टाइम पेरीमिरेज चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) जांच होने लगेगी। राज्य स्तर से जिले में आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की अनुमति दी गई है। लैब के आधारभूत संरचना को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि मई में जल्द ही लैब की स्थापना हो जाएगी। लैब लगने के बाद जिले में ही जांच की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। विभागीय लोगो का कहना है कि आरटीपीसीआर जांच होगी तो रिपोर्ट लगभग 6 घंटे में मिलेगा जिससे इलाज तत्काल शुरू किया जा सकेगा। मरीज के संपर्क में आए लोगो की पहचान की जा सकेगी।

अनिल यादव

शहर कांग्रेस कमेटी बालोद के अध्यक्ष व नपा उपाध्यक्ष अनिल यादव ने कहा आरटीपीसीआर टेस्ट जो की राजनांदगांव में संभव था, जिससे जिले वासियों को काफी परेशानी एवं असुविधा हो  रही थी, यह टेस्ट अब बालोद जिला अस्पताल में संभव है, इससे जिले वासियों को सुविधा मिलेगा,इस लैब की सुविधा दिलाने के लिए उन्होंने मुखिया भूपेश बघेल का एवं संजारी बालोद के विधायक संगीता भैयाराम सिन्हा का बालोद वासियों की तरफ से आभार जताया.

जिलें में ही कोरोना की अंतिम जांच की व्यवस्था

कोरोना से जंग जीतने के लिए सरकार द्वारा अब जिला स्तर पर ही कोरोना की अंतिम जांच की व्यवस्था की जा रही है। जिले में आरटीपीसीआर जांच सुविधा शुरू होने के बाद किसी भी प्रकार का सैंपल को परीक्षण के लिए राजनांदगांव नहीं भेजना पड़ेगा। वर्तमान में एंटीजन और ट्रूनाट जांच ही जिले में हो रही है। इसके अलावा आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल राजनांदगांव भेजे जा रहे थे।

मानव संसाधन और उपकरण को लेकर पत्राचार

आरटीपीसीआर लैब के लिए अभी जगह का चयन नही हुआ है। लेकिन संभावनाएं जताई जा रही है कि जिला अस्पताल के पास खाली जगह में नए भवन का निर्माण होगा। इसके पहले किसी भवन में लैब स्थापित किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि लैब स्थापना के लिए मानव संसाधन और उपकरण को लेकर राज्य शासन और मेडिकल कालेज पत्राचार किया गया है।

रिपोर्ट मिलने में होगी सहूलियत


आरटीपीसीआर मशीन लग जाने के बाद अब जांच रिपोर्ट के लिए लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वर्तमान में आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन तो कभी कभी एक हफ्ते से ज्यादा समय लग जाता है। यहां लैब स्थापित हो जाने के बाद तीन से चार घंटे या अधिकतम 6 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट उपलब्ध हो जाएगी। जानकारों का कहना है कि आरटीपीसीआर जांच कोरोना की अंतिम जांच होती है। इसमें आने वाली रिपोर्ट को ही सबसे बेहतर व सही माना जाता है।


एंटीजन की निगेटिव रिपोर्ट की होती है क्रास चेकिंग

एंटीजन किट से जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद लक्षण वाले मरीजों के कन्फर्मेशन के लिए आरटीपीसीआर जांच कराई जाती है। जिले में ही इसकी सुविधा हो जाएगी तो लोगों को राहत मिलेगी। वर्तमान में ट्रूनाट और एंटीजन किट से जांच कराने के बाद लोग बाहर घुमते रहते हैं। अगर तीन से चार दिन बाद आरटीपीसीआर की जांच में रिपोर्ट पाजिटिव आती है तो आइसोलेट होते हैं। इस कारण कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है।

क्या बोले संसदीय सचिव व विधायक कुंवर

बालोद के जिला अस्पताल में लैब खुलेगा। जहां से सैंपल जांच के बाद 6 घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी। मई महीने तक लैब खुलने की पुष्टि करते हुए संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की अनुशंसा व मुख्यमंत्री से सहमति मिलने के बाद लैब संचालित करने के संबंध में कलेक्टर जनमेजय महोबे व स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से चर्चा किया हूं। जल्द सिस्टम व सेटअप अनुसार लैब संचालित करने की बात कही है। ताकि राजनांदगांव पर कोरोना जांच रिपोर्ट के लिए आश्रित न होना पड़े। वर्तमान में आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल राजनांदगांव के लैब भेजा जा रहा है। जहां से रिपोर्ट आने में एक सप्ताह से ज्यादा का समय लग रहा है। आलम यह है कि लोगों के अलावा स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन को भी रिपोर्ट आने इंतजार करना पड़ रहा है।

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