प्रदेश भाजपा के लोग नौटंकीबाज, बेशर्मी की हद हो गई :केशव शर्मा



बालोद । जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री केशव शर्मा ने कहा कि देश में जिस दल की सरकार हो, जिस देश की राजधानी दिल्ली सहित उत्तरप्रदेश ,मध्यप्रदेश महाराष्ट्र जैसे अनेको राज्यो में ऑक्सीजन और दवाई की कमी होऔर केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही हो, वहां पर देश की सत्ता रूढ़ दल के राज्य इकाई के नेता राज्य सरकार के खिलाफ धरने पर बैठने की बेशर्म नौटंकी कर रहे है।आज देश के लोगो को ऐसा लग ही नही रहा की उनकी एक केंद्र सरकार भी है। मोदी सरकार अपने संघीय दायित्व को भूल गयी। यही है भाजपा और संघ का राष्ट्रवाद। देश की सारी राज्य सरकारें अकेले अपने दम पर राज्य की जनता की जान बचाने में लगी है ।केंद्र सरकार सिर्फ मीटिंग की औपचारिकता निभा रही है।
भाजपा नेताओं को धरने में बैठने का इतना ही शौक है तो अपने दल से बने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ धरने पर बैठे ,जो एक राष्ट्र के रूप में पूरे देश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने की इच्छा शक्ति नही दिखा पा रहे। केंद्र क्यो राज्यो को दवाई नही उपलब्ध करवा पा रहा। एक राज्य से दूसरे राज्यो तक ऑक्सीजन की एयर लिफ्टिंग करने के लिए वायु सेना की सहायता लेने में मोदी सरकार को क्यो महीनों लग गए ?धरने में बैठने वाले बताएं कि एक ही देश में तीन तीन दामों में वैक्सीन बेचने की अनुमति क्यों दे रहा है। केंद्र रेडमिसिवर इंजेक्शन की सप्लाई नही करवा पा रहा है। राज्यो को टेस्टिंग किट केंद्र नही दे पा रहा है। देश में सिर्फ पांच करोड़ लोगों को वैक्सीन लग पाई और 6करोड़ वैक्सीन के डोज निर्यात कैसे हो गयी?
भाजपाई मोदी से पूछे जब देश एक है महामारी पूरे देश में छाई हुई है फिर इसके खिलाफ लड़ाई अलग अलग राज्यो में अलग तरीके से कैसे होगी। कांग्रेस महामंत्री ने कहा कि भाजपा को वास्तव में धरना देना है तो मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार के खिलाफ धरना दे। जहाँ पर भाजपा के संस्थापक और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष के दो दो परिजन दवाई और ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ दिए ।
भाजपा धरना उस केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल के खिलाफ देने का साहस दिखाए जिन्होंने अस्पताल में भर्ती परिजन के लिए ऑक्सीजन मांगने पर एक युवक को तमाचा मारने की धमकी दी ।
कांग्रेस महामंत्री ने कहा आज देश में सबसे असंवेदनशील लोग केंद्र की सत्ता में बैठे है जिनका मकसद सिर्फ सत्ता हथियाना मात्र है। पूरा देश महामारी से परेशान है। देश के प्रधानमंत्री सिर्फ एक राज्य के चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।

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