बालोद। जिले के गुरुर ब्लॉक के ग्राम फागुनदाह के किसानों ने बीज निगम द्वारा वितरित उड़द बीज की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि “अच्छी क्वालिटी” बताकर जो उड़द बीज उन्हें दिया गया, उसमें भारी स्तर पर पीला मोजेक रोग फैल गया है, जिससे पूरी फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। खेतों में पौधे तो खड़े हैं, लेकिन उनमें न तो फूल आ रहे हैं और न ही फलियां लग रही हैं, जिससे किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
किसानों ने बताया कि उन्होंने शासन और बीज निगम पर भरोसा कर अधिकृत केंद्र से बीज खरीदा था, लेकिन अब वही बीज उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है। प्रभावित किसानों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
खेतों में तेजी से फैला पीला मोजेक
ग्रामीणों के अनुसार बीज बोने के कुछ दिनों बाद ही फसल में पीला मोजेक रोग के लक्षण दिखाई देने लगे। धीरे-धीरे पूरी फसल पीली पड़ने लगी और पौधों की वृद्धि रुक गई। किसानों का आरोप है कि बीज की गुणवत्ता खराब होने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है।
किसानों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रभावित किसान अनिल साहू, ठाकुर राम निषाद, अरुण कुमार कलिहारी और हेमंत गुरुपच सहित अन्य किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें खराब बीज देकर गुमराह किया गया है। किसानों का कहना है कि बीज निगम ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि बीज उच्च गुणवत्ता का है, लेकिन अब पूरी फसल चौपट होने की स्थिति में पहुंच गई है।
मुआवजा और जांच की मांग
किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही खराब बीज से हुए नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई है। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें राहत नहीं मिली तो आने वाले सीजन की खेती करना भी मुश्किल हो जाएगा।
कृषि विभाग पर भी उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बीज वितरण से पहले गुणवत्ता की सही जांच होती तो किसानों को इस नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता।
