DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

बालोद में रात के अंधेरे में अवैध खनन का खेल!

जनसेवक उमेश कुमार सेन की पहल पर मुरम-मिट्टी के अवैध कारोबार का खुलासा, प्रशासनिक कार्रवाई की उठी मांग

बालोद। बालोद नगर पालिका क्षेत्र से लगे इलाके में इन दिनों अवैध खनन का कारोबार तेजी से फैलता नजर आ रहा है। मुरम और मिट्टी की अवैध खुदाई खुलेआम जारी है, जिससे शासन के नियमों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रावधानों की भी अनदेखी की जा रही है।

बताया जा रहा है कि दिन के समय सामान्य दिखाई देने वाला क्षेत्र रात होते ही अवैध खनन गतिविधियों का केंद्र बन जाता है। रात करीब 11 बजे के बाद भू-माफिया सक्रिय होकर भारी मशीनों, जेसीबी और हाईवा वाहनों की मदद से बड़े पैमाने पर मुरम एवं मिट्टी की निकासी कर रहे हैं।

अटल आवास के आगे संचालित हो रहा अवैध कारोबार

स्थानीय लोगों के अनुसार यह अवैध खनन बालोद नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत अटल आवास के आगे रामनगर जाने वाले मार्ग पर, नर्सरी से कुछ दूरी आगे दाहिनी ओर धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है। रातभर भारी वाहनों और मशीनों की आवाज से क्षेत्रवासी परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

उमेश कुमार सेन ने किया स्थल निरीक्षण

जनहित में सक्रिय जनसेवक उमेश कुमार सेन को जब अवैध खनन की जानकारी मिली, तब उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वहां खनन गतिविधियों के स्पष्ट संकेत, भारी वाहनों की आवाजाही एवं मशीनों के उपयोग के प्रमाण दिखाई दिए, जिससे स्थानीय लोगों की शिकायतों को और मजबूती मिली।

शासन को राजस्व नुकसान, पर्यावरण पर खतरा

लगातार हो रहे अवैध खनन से शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर भूमि संरचना, पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो भविष्य में भूमि धंसान, जलस्तर में गिरावट और सड़क क्षति जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

स्थानीय नागरिकों में इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में इतने बड़े स्तर पर चल रहे अवैध खनन को बिना संरक्षण या मिलीभगत के अंजाम देना संभव नहीं है।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर अवैध खनन में शामिल लोगों, मशीन संचालकों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि शासन को हो रहे नुकसान और पर्यावरण विनाश पर रोक लगाई जा सके।

You cannot copy content of this page