बालोद जिले में गहराया पेट्रोल-डीजल संकट, कई पंपों पर खत्म हुआ ईंधन



कमरौद स्थित ढालेंद्र पेट्रोल पंप बंद, बाइक सवारों को वाहन धक्का देकर लौटना पड़ा

बालोद। जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी अब आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनने लगी है। बालोद शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के कई पेट्रोल पंपों में ईंधन संकट की स्थिति बन गई है। इसका ताजा उदाहरण कमरौद स्थित ढालेंद्र पेट्रोल पंप में देखने को मिला, जहां गुरुवार शाम पेट्रोल और डीजल पूरी तरह समाप्त हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार शाम से ही बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल-डीजल भरवाने पंप पहुंचते रहे, लेकिन स्टॉक खत्म होने के कारण पंप संचालक ने लगभग 7 बजे पेट्रोल पंप बंद कर दिया। अचानक पंप बंद होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बाइक सवारों की गाड़ियां बीच रास्ते में बंद हो गईं और उन्हें मोटरसाइकिल धक्का देकर वापस लौटना पड़ा।

जिले के कई पंपों में इसी तरह की स्थिति

जानकारी के मुताबिक बालोद जिले के कई पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक सीमित हो गया है। कुछ जगहों पर ईंधन मिल रहा है, लेकिन लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। इससे आम नागरिकों में चिंता का माहौल है।

पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रशासन सतर्क

इधर, पश्चिम एशिया संकट के चलते पेट्रोलियम पदार्थों की बचत को लेकर जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत की अपील के बाद बालोद जिला प्रशासन ने भी आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों की बैठक लेकर सुशासन तिहार के दौरान शासकीय वाहनों के सीमित उपयोग के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा अब जिला स्तरीय अधिकारियों के वाहनों को “पूल वाहन” के रूप में उपयोग किया जाएगा, ताकि कम वाहनों में अधिक अधिकारी एक साथ यात्रा कर सकें और ईंधन की बचत हो सके।

प्रशासन ने जारी किए निर्देश

जारी आदेश के अनुसार अब एक ही शासकीय वाहन में दो या तीन विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शिविरों में जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की बचत बेहद जरूरी है।

इधर आम लोगों की मांग है कि जिले में जल्द पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

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