EXCLUSIVE-बिना ऑक्सीजन दौड़ रही संजीवनी 108, जान का खतरा, अस्पताल के बाद एंबुलेंस तक में भी ऑक्सीजन की मारामारी



बालोद। जिले में दौड़ रही संजीवनी एक्सप्रेस में ऑक्सीजन खत्म होता जा रहा है। कई अस्पताल के एंबुलेंस में यह खत्म हो चुका है। पर अब तक संबंधित कंपनी रिफलिंग की कोई सुविधा नहीं दे रही है। अस्पताल में पहले से ही ऑक्सीजन सिलेंडर की मारामारी है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन पहले अपनी व्यवस्था संभाल रहा है और वह एंबुलेंस वालों को अलग से सिलेंडर नहीं दे रहे हैं। पहले कभी मानवता के नाते अगर सिलेंडर अचानक खत्म हो जाए तो अस्पताल से ही उन्हें एक दो सिलेंडर दे दिया जाता था। लेकिन अब स्थिति यह आ गई है कि अस्पताल में ही ऑक्सीजन कम पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में अस्पताल वाले संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस को सिलेंडर देने से कतरा रही है और नतीजा इधर कंपनी भी व्यवस्था नहीं बना पा रही है। जिसके चलते संजीवनी एक्सप्रेस की गाड़ियां बिना ऑक्सीजन के दौड़ रही है। वर्तमान में कई संजीवनी 108 में सामान्य मरीजों के अलावा कोरोना मरीजों को भी अस्पताल ले जाने का काम चल रहा है। ऐसे समय में ऑक्सीजन बहुत जरूरी है तो वही सुरक्षा किट भी। पर संजीवनी के कर्मचारियों को दोनों नसीब नहीं हो रहे हैं। आधी अधूरी सुविधा के बीच एंबुलेंस चलाया जा रहा है। इससे कभी भी जान का खतरा हो सकता है। अगर रास्ते में किसी मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत पड़े तो वहां ऑक्सीजन नहीं मिलने से मुसीबत बढ़ जाएगी। वर्तमान में बालोद जिला अस्पताल के एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होगया है। तो गुरूर में भी ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने की कगार पर है। अर्जुंदा में भी कुछ ही ऑक्सीजन बचा है। इसके अलावा और भी ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों की स्थिति यही है। पर कंपनी द्वारा अब तक रिफिलिंग की व्यवस्था नहीं की जा रही है।

राजनांदगांव से होती है रिफिलिंग

बताया जाता है कि राजनांदगांव से एंबुलेंस में ऑक्सीजन रिफलिंग की सुविधा दी जाती है। खाली सिलेंडर भरने के लिए एंबुलेंस राजनांदगांव नहीं जाती। जब कहीं कोई केस राजनांदगांव ले जाना होता है तो वहीं से रिफलिंग करा कर लाया जाता है। ऐसे में जिनका अभी राजनांदगांव जाना नहीं हो रहा है वे रिफलिंग ही नहीं करवा पा रहे हैं तो जहां रिफलिंग होती है वहां भी अभी ऑक्सीजन सिलेंडर की दिक्कत है। एक सिलेंडर को भरवाने में 350 से ₹500 तक का खर्च आता है। जो सिलेंडर की साइज पर निर्भर करता है। संजीवनी एक्सप्रेस सुविधा को लोगों की जान बचाने के लिए शुरू किया गया है। ताकि आपात स्थिति में किसी की मौत न हो। पर एंबुलेंस के भीतर दाखिल मरीज को अगर ऑक्सीजन की जरूरत पड़े तो उसे ऑक्सीजन नहीं मिलेगा और ऐसे में उनकी जान भी जा सकती है।

क्या कहा डीएम ने

संजीवनी एक्सप्रेस सेवा के डीएम अविनाश पांडे ने कहा कि वर्तमान में ऑक्सीजन को लेकर दिक्कत तो आ रही है। राजनांदगांव से रिफलिंग करवाते हैं लेकिन वहां भी अभी दिक्कत है। जिले के कुछ अस्पतालों के एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने की जानकारी मिली है। जल्द से जल्द रिफिलिंग की सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं।

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