चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष ने कहा आक्सीजन का इंतजाम तो कर रही सरकार, पर वेंटीलेटर भी जरुरी, ये हो जाए तो रोक सकेंगे मौतें



दुर्ग– भिलाई स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि लंबे संघर्ष के बाद जिला प्रशासन ने ऑक्सीजन सिलेंडर पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया है. वर्तमान में जो समस्या आ रही है मुख्य रूप से जिनका ऑक्सीजन लेवल गिर रहा है, उन्हें वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. अनेक स्थानों पर बेड की समस्या भी आ रही है. साथ  आरटीपीसीआर की जांच की दिशा में सक्रियता और अस्पताल द्वारा कोविड-19 की दवाइयां व इंजेक्शन  बाहर से लाने अस्पताल प्रबंधन द्वारा दबाव बनाया जाता है. कलेक्टर दुर्ग को सुझाव देते हुए ज्ञानचंद जैन ने कहा है कि जिन दवाइयो की आवश्यकता हो, अस्पताल प्रबंधन स्वयं संबंधित संस्थान से मंगाए. आवश्यकतानुसार लगाएं और शासन के द्वारा निर्धारित दरों पर बिलों के भुगतान लेकर मरीज को और उनके परिवारजनो को राहत प्रदान करें क्योंकि कोविड-19 के नजदीक परिवार जनों को भी जाने की वर्तमान समय में मनाही की गई है. ऐसी स्थिति में निजी चिकित्सा संस्थान के संचालक इसी दिशा में अपने कार्यशैली को ले आए ताकि शासन-प्रशासन मरीजों के परिवार और उनको सेवा देने के लिए तत्पर सभी वर्ग के लोगों को बहुत बड़ी राहत मिल जाएगी. जिला कलेक्टर और वरिष्ठ मुख्य चिकित्सा अधिकारी दुर्ग द्वारा वर्तमान में किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं ।इसी दिशा में निजी चिकित्सा संस्थान भी कार्य करना शुरू कर दें तो मैं समझता हूं जिले के प्रभावित वर्ग को बहुत बड़ी राहत मिल जाएगी। जैन ने कलेक्टर दुर्ग से यह भी आग्रह किया है कि जिनको नोडल अधिकारी बनाया गया है उन्हें भी कड़ाई से निर्णय लेने के लिए दिशा-निर्देश दिया जाए और उनकी त्वरित पहल और आवश्यकतानुसार वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन वर्तमान समय की आवश्यकता है. दुर्ग भिलाई शहरी क्षेत्र होने के कारण ग्रामीण अंचल के निवासी भी बहुत उम्मीद से इस इलाके में इलाज की आशा लेकर आ रहे हैं, उन्हें भी बनाए गए कंट्रोल रूम से सम्मानजनक मार्गदर्शन मिलता रहे । ज्ञानचंद जैन ने कलेक्टर दुर्ग जिला स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग एवं नगरी निकाय क्षेत्र के आयुक्त जनों के संरक्षण में टीम सदस्यों के प्रयास सहित टीम कैट व टीम चेंबर द्वारा किए जा रहे रात और दिन किए जा रहे प्रयास एवं जरूरतमंदों को दिए जा रहे मार्गदर्शन से जिले को संक्रमण मुक्त बनाने की दिशा में दुर्ग जिला शीघ्र सफलता प्राप्त करेगा ऐसी संभावना व्यक्त की है.

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