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आखिर छग के इस जिले में पुलिस ने क्यों पकड़ रखा है एक कबूतर, पैरों में लगे हैं चाइनीज भाषा के टैग, पहेली बनी -आखिर कबूतर किसकी कर रहा था जासूसी?

खबरें जो याद रहें- ( इस कॉलम में हम छग के अलावा देश दुनिया की रोचक खबर देंगे जो आपको याद रहेगी)

कोंडागांव/छग – जिला मुख्यालय कोंडागांव के जामपदर मोहल्ले में मंगलवार को एक कबूतर पकड़ा गया है , जिसके पैरों में विदेशी भाषा में लिखा हुआ टैग लगा है। विदेशी भाषा में टैग देख लोगों के होश उड़ गए। भाषा किसी को समझ में नहीं आ रही थी। इसी बीच किसी ने इस भाषा को चाइनीज बताया। चाइना का नाम सुनते ही इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।

कोंडागांव जामपदर निवासी अरुण खिलवारे ने बताया सोमवार को घर के आंगन में एक कबूतर उत्तरा। पैरों में कुछ लगा हुआ दिखाई देने पर उसे किसी तरह पकड़ा गया। कबूतर के पैरों में चाइनीज भाषा में लिखा टैग लगा था।विदेशी भाषा का टैग लगा संदिग्ध कबूतर पकड़े जाने की सूचना उन्होंने तत्काल कोंडागांव पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने कबूतर को अपने कब्जे में ले लिया है।

फ‍िलहाल, तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस बाबत अधिकाकारिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है। पुलिस कबूतर को कब्जे में लेकर इसकी जांच शुरू कर दी है। ऐसा भी माना जा रहा है कि नक्सली कबूतर के जरिए जासूसी करा रहे हैं। फोर्स की मुस्तैदी के बाद बढ़ते दबाव के कारण नक्सली अपना संदेश साथियों को भेजने कबूतर का इस्तेमाल कर रहे हैं। कबूतर एकमात्र ऐसा पक्षी है जो हर हाल में अपने मालिक के पास लौटकर आता है। इन्हें ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि ये काफी समझदार और घरेलू होते हैं इसलिए उन्हें प्रशिक्षण देना आसान होता है। कबूतरों की एक प्रजाति, जिसे कहते रेसिंग होमर हैं, एक बेहद खास कबूतर होते हैं। उन्हें इस तरह से ट्रेंड किया जाता है कि वे तेजी से उड़े और गंतव्य तक पहुंचकर वापस लौट सकें। पहले और दूसरे वर्ल्ड वॉर के दौरान कबूतरों की इसी प्रजाति को एक से दूसरी तरह जासूसी या संदेश पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया गया।

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