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एक विवाह ऐसा भी – दुल्हन लेने अकेले सुकमा से बालोद आया दूल्हा, आधे घंटे में शादी कर ले गया दुल्हन, न कोई बाराती न बाजा, पढ़िए ये रोचक खबर

लाकडाउन में शुरू हुई शादियां – सादगी पूर्ण हो रहा आयोजन, सुकमा से एसटीएफ का जवान अकेले पहुंचा दानीटोला में शादी करने

गुरुर/बालोद (दीपक देवदास – विशेष संवाददाता)- लॉकडाउन में शादियां तो हो रही है पर बालोद जिले में शादियों के लिए सिर्फ 10 लोगों की अनुमति दी गई है। इन्हीं 10 लोगों के बीच मंगलवार को ग्राम दानीटोला में एक सादगी पूर्ण शादी हुई। जहां महज आधे घंटे में ही शादी के सभी रस्मो रिवाज पूरे करके दुल्हन की विदाई दी गई और गिने-चुने स्थानीय ग्रामीणों के बीच ही यह शादी संपन्न हुई।दरअसल में सुकमा जिला के रहने वाले दूल्हा बीरेंद्र मरकाम पिता डूंगा निवासी ग्राम पेंटा ग्राम पंचायत नांगलगुंडा तहसील कोंटा, अकेले शादी करने पहुंचा था। लॉकडाउन व बालोद जिले से गांव दूर होने के चलते परिवार के अन्य कोई सदस्य शादी में नहीं आए थे, इसकी सूचना वधू पक्ष को भी दी गई थी कि सिर्फ दूल्हा शादी करने के लिए आएगा। बाकी रस्मो रिवाज कन्या पक्ष की ओर से ही पूरे किए गए।

ग्रामीणों ने मिलकर रस्मों को निभाया और ग्राम दानीटोला ( दरगहन) की वधु मनीषा नेताम पिता विशाल राम नेताम के साथ एसटीएफ के जवान बीरेंद्र मरकाम ने सात फेरे लिए। जवान बीरेंद्र मरकाम ने बताया कि 2017 में उसकी पोस्टिंग बालोद जिले के ही करकाभाट सशस्त्र बल में रही है। तब से उसकी इच्छा थी कि इसी क्षेत्र में कहीं ससुराल बनाएं और शादी के लिए जब घरवालों से चर्चा हुई तो उनका रिश्ता दानीटोला में ही तय हो गया। वर्तमान में उक्त जवान की पोस्टिंग बीजापुर में है। दोपहर में ही शादी के बाद दुल्हन की विदाई हुई और उन्हें उनके ससुराल तक छोड़ने के लिए दुल्हन के साथ उनका भाई योगेंद्र कुमार व बहन नूतन नेताम ही गई। बिसाल राम नेताम व सुखमोतीन नेताम की बेटी मनीषा नेताम की यह शादी इस कोरोना संकट काल व लॉकडाउन में एक मिसाल बन गई। जो पूरी तरह से सादगी पूर्ण रही। बिना किसी बैंड बाजा और बाराती के सिर्फ दूल्हा अपनी दुल्हन लेने के लिए आया हुआ था। जो कौतूहल का भी विषय था। तो वही पंडित सोमेश्वर गिरी गोस्वामी के मंत्रोच्चारण के बीच दोनों ने सात फेरे लिए तो इन नव दंपति को आशीर्वाद देने के लिए ईशा प्रकाश साहू, सुभद्रा साहू, रजनी गोस्वामी, मोहनलाल साहू, देवसिंह सेन, कौशल साहू, विजय सेन, मदन सेन, बुधारु राम ओझा, लीलाराम गंधर्व कोटवार, नीलकंठ साहू, राधेश्याम पटेल बेदू राम पटेल,रोशन यदु, पूनम ओझा बंशी राम पटेल पहुंचे थे। पहली बार इस तरह की शादी गांव में देखने को मिली जो दूसरों के लिए भी प्रेरक रही। मास्क लगाकर कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए पूरी तरह सादगी से यह शादी की गई। ज्ञात हो कि वर्तमान में जिला प्रशासन द्वारा शादी में सिर्फ 10 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी जा रही है। ऐसी स्थिति में उक्त एसटीएफ के जवान बीरेंद्र मरकाम ने घरवालों कि रजामंदी से तय किया था कि वह अपनी दुल्हन लेने अकेला जाएगा और शादी करके दुल्हन को घर ले जाएगा। बाकी जो भी रस्मो रिवाज है ससुराल में आने के बाद होता रहेगा ।क्योंकि जवान का घर काफी दूर भी है ऐसे में परिवार के अन्य सदस्यों को आने में भी दिक्कत होती इसलिए सबकी सहमति से यही हुआ कि दूल्हा अकेले शादी करने पहुंचे और अपनी दुल्हन ले गया।
इधर घुमका में मास्क पहनकर निकाह

इसी तरह ग्राम घुमका में भी एक समुदाय के नव दंपत्ति ने मास्क पहनकर निकाह किया व निकाह के बाद टिकावन की रस्म के दौरान भी इसी तरह मंच पर दोनों मास्क पहनकर बैठे रहे और लोगों को कोरोना गाइडलाइंस के प्रति भी जागरूक किया गया। शासन की गाइडलाइंस के मुताबिक निर्धारित संख्या में उक्त निकाह संपन्न हुआ।

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