अपडेट- नक्सली हमले में घायल हुए 12 जवान, जान का खतरा नहीं,,5 शहीदों की पुष्टि, पढ़िए देर रात डीआईजी नक्सल ने प्रेसवार्ता में क्या कहा? सीएम व गृहमंत्री भी क्या बोले?



बीजापुर/रायपुर –     छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के तर्रेम थाना इलाके में शनिवार दोपहर नक्सलियों से मुठभेड़ में फोर्स के पांच जवान शहीद हो गए और 12 जवान घायल हो गए। मुठभेड़ स्थल से एक महिला नक्सली का शव भी बरामद हुआ है। डीआइजी नक्सल ओपी पाल ने देर रात हुई प्रेस वार्ता में इसकी पुष्टि की है।

डीआइजी नक्सल ने बताया कि मुठभेड़ सुकमा-बीजापुर सीमा पर टेकुलगुडम गांव में हुई। दो अप्रैल की रात बीजापुर और सुकमा से सीआरपीएफ, डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा के संयुक्त बल आपरेशन के लिए निकले थे। बीजापुर के बीजापुर के तररेम से 760, उसूर से 200, पामेड़ से 195 एवं सुकमा के मीनपा से 483 और नारसापुरम से 420 जवान ऑपरेशन में थे शामिल। मुठभेड़ में नक्सलियों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। शहीद जवानों के पार्थिव शरीर तर्रेम थाने लाए जाने की जानकारी सामने आई है। यह वारदात जिला मुख्यालय से करीब 75 किमी दूर सिलगेर गांव के पास जोन्नगुड़ा के जंगल में हुई है। घटनास्थल से दो नक्सलियों का शव बरामद किए जाने की भी सूचना मिल रही है। घायल जवानों को निकालने के लिए एयरफोर्स के हेलिकाप्टरों व नौ एंबुलेंस को रवाना किया गया है।

घायल जवानों को लाया गया अस्पताल

घायल जवानो को एम्बुलेंस के माध्यम से बीजापुर जिला अस्पताल लाया गया, जवानों के उपचार के लिए व्यापक तैयारी पहले से की गई थी। कलेक्टर समेत पुलिस के आला अफसर पहले से अस्पताल में मौजूद रहे, जिन जवानों को अस्पताल लाया गया है उनकी हालत स्थिर है, फिलहाल 10 घायल जवानों को अभी जिला अस्पताल लाया गया है।

सुकमा व बीजापुर जिले के सीमावर्ती जंगलों में नक्सलियों की बटालियन नंबर एक सक्रिय है। इसके कमांडर दुर्दांत नक्सली हिड़मा के इस इलाके में होने की सूचना मिलने पर शुक्रवार को बीजापुर व सकुमा से डीआरजी, कोबरा व एसटीएफ के जवानों को सर्च ऑपरेशन पर भेजा गया था। इसी दौरान घात लगाकर नक्सलियों ने फोर्स की एक टुकड़ी को घेरकर फायरिंग शुरू कर दी। साथियों को गिरता देखकर भी जवानों ने हौसला दिखाया और तुरंत पोजिशन ली।

23 मार्च को नारायणुपर में आइइडी धमाके में 5 जवान हो गए थे शहीद

शांति वार्ता का प्रस्ताव रखने के बाद नक्सली लगातार सुरक्षाबलों को अपना निशाना बना रहे हैं। 23 मार्च को नारायणपुर में नक्सलियों द्वारा किए गए एक आइइडी धमाके में 5 जवाना शहीद हो गए थे।

क्या बोले सीएम व गृहमंत्री

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर सुकमा जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र के जोनागुड़ा ग्राम के समीप सुरक्षा बलों और नक्सली मुठभेड़ में 5 जवानों की शहादत पर गहरा दुख प्रकट किया है। श्री बघेल ने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा है कि सुरक्षा बलों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। हमारे जवानों ने शौर्य का परिचय देते हुए नक्सलियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। नक्सलियों के विरूद्ध सुरक्षा बल और भी तेजी से अभियान चलाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस घटना में घायल जवानों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।   उल्लेखनीय है कि सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 5 जवान शहीद और 12 जवान घायल हुए हैं। एक महिला नक्सली का शव बरामद किया गया है। शहीद जवानों में कोबरा बटालियन से 01, बस्तरिया बटालियन से 2 और डीआरजी के 2 जवान शामिल हैं। तीन घंटे से अधिक समय तक चली मुठभेड़ में नक्सलियों को भी भारी नुकसान हुआ है। वहीं देर रात रायपुर के अस्पताल में घायल जवानों का हाल जानने के लिए पहुंचे गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा नक्सली हथियार छोड़े तो ही हम शांति वार्ता करेंगे.

ये हैं नक्सलियों द्वारा किए गए बड़े हमले

– 6 अप्रैल 2010 में ताड़मेटला हमले में सीआरपीएफ के 76 जवानों की शहादत ।

– 25 मई 2013 झीरम घाटी हमले में 30 से अधिक कांग्रेसी व जवान शहीद ।

– 11 मार्च 2014 को टहकवाड़ा हमले में 15 जवान शहीद ।

– 12 अप्रैल 2015 को दरभा में यदे एम्बुलेंस । 5 जवानों सहित ड्राइवर व एएमटी शहीद ।

– मार्च 2017 में भेज्जी हमले में 11 सीआरपीएफ जवान शहीद।

– 6 मई 2017 को सुकमा के कसालपाड़ में किया घात लगाकर हमला जिसमें 14 जवान शहीद ।

– 25 अप्रैल 2017 को सुकमा के बुरकापाल बेस केम्प के समीप किये नक्सली हमले में 32 सीआरपीएफ जवान शहीद।

– 21 मार्च 2020 को सुकमा के मिनपा हमले में 17 जवानों की शहादत।

You cannot copy content of this page