DAILY BALOD NEWS

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BIG.BREAKING.NEWS- खेरूद के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांगी है आत्मदाह की अनुमति, पढ़िए आखिर क्या है पूरा मामला, क्यों ग्रामीणों ने जनपद सीईओ पर लगाया है भ्रष्टाचारियों को पनाह देने का आरोप?

गुण्डरदेही/ बालोद। गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम पंचायत खेरूद के ग्रामीणों ने पिछले दिनों रोजगार गारंटी योजना के तहत भ्रष्टाचार का मामला उजागर किया था। जिसमें जांच कमेटी में भी भ्रष्टाचार सामने आया था लेकिन अब तक इस मामले में दोषी पाए गए सरपंच सचिव व रोजगार सहायक मेट समेत अन्य व्यक्तियों पर फर्जीवाड़े पर पुलिस में केस दर्ज नही करवाया गया। जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। इस नाराजगी के चलते अब ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आत्मदाह की अनुमति मांगी है।

ग्रामीणों ने जनपद पंचायत गुण्डरदेही के सीईओ पर भ्रष्टाचारियों को पनाह देने का आरोप लगाया है। ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि पिछले दिनों गुण्डरदेही के एसडीएम द्वारा मामले में जो भी दोषी पाए गए हैं उनके खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करने के लिए आदेश भी जारी हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी अब तक पुलिस में कोई केस दर्ज नहीं कराया गया है। जबकि ऐसे केस में दूसरे ब्लॉक की पंचायतों में मामले दर्ज हुए हैं। वहीं दोषियों को सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा। लेकिन यहां पर दोषियों को संरक्षण देने का काम हो रहा है। ज्ञापन के माध्यम से राजेंद्र साहू, राजेश यदु, छन्नूलाल सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जनपद सीईओ व जनपद रोजगार अधिकारी के समक्ष शिकायत आवेदन प्रस्तुत किए थे। ग्राम पंचायत सरपंच सचिव रोजगार सहायक व अन्य व्यक्तियों के द्वारा फर्जीवाड़ा कर फर्जी हस्ताक्षर कर जो व्यक्ति कार्य नहीं कर रहा है तथा जो विकलांग व्यक्ति है उनके भी नाम से मस्टररोल में हाजिरी दर्ज करके पैसा गबन किया गया था। जिस आधार पर गुण्डरदेही जनपद की टीम जांच में गई थी। जांच में सब शिकायत सही पाया गया था लेकिन दोषियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज नहीं कराया गया और उन अपराधियों को संरक्षण प्रदान किया गया है। इसके बाद शिकायतकर्ता ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत की थी।

एसडीएम द्वारा जारी आदेश

जिसके बाद एसडीएम ने प्रकरण के अवलोकन के आधार पर 21 सितंबर को सभी दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई किए जाने आदेश पारित किया है। लेकिन जनपद सीईओ द्वारा उनके आदेशों की अवहेलना की जा रही है और अब तक कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस पर सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न कर पाने की स्थिति में शिकायतकर्ता ग्रामीणों ने आत्मदाह की अनुमति मांगी है।

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