
बालोद/धमतरी। कोरोना काल में दुर्गा उत्सव को लेकर कई तरह की सावधानी से संबंधित शासन प्रशासन द्वारा हर जिले में आदेश जारी किया गया है। इस आदेश का पालन करेंगे तो स्थापना मुश्किल हो सकती है। क्योंकि कई ऐसे नियम बनाए गए हैं जिसका पालन दुर्गा उत्सव समिति के लिए कर पाना मुमकिन नहीं होगा। खासतौर से कैमरा लगवाना और अगर कोई कोरोना का शिकार हुआ तो उसके इलाज का खर्च समिति द्वारा उठाना। इन सब नियमों के चलते भक्त दुर्गा स्थापना से पीछे हट रहे हैं तो वही धमतरी में श्री राम हिंदू संगठन द्वारा इसका विरोध भी शुरू हो चुका है। जिसके चलते एक दिन पहले वहां जमकर प्रदर्शन भी हुआ। कई साथी को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया। फिर मुचलके पर रिहा भी किया। हिंदू संगठन के विरोध के बाद यहां के कलेक्टर ने आदेश जो जारी किया था उसमें कुछ नियमों को विलोपित कर दिया है। जिसके बाद अब वहां यानी कि पूरे धमतरी जिले में दुर्गा स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। नए आदेश में एक विलोपन आदेश जारी करके धमतरी कलेक्टर ने कहा है कि अब कैमरा नहीं लगाएंगे तो भी चलेगा। इस आदेश के बाद से अब दुर्गा उत्सव आसानी से हो सकेगा। अन्य जिले में भी इस संबंध में मांग उठ रही है। बालोद जिले में भी मूर्तिकार चित्रकार संघ ने कलेक्टर के नाम से ज्ञापन सौपा है। इन्हीं नियमों का विरोध करते हुए कहा गया है कि इस नियम के चलते समितियों ने मूर्ति का आर्डर निरस्त कर दिया। जिससे हमें काफी कुछ नुकसान हुआ है और मूर्तियां नहीं बिक पा रही है। मूर्तियों को साल भर कहां रखेंगे इसके लिए सुरक्षित जगह दिलाने की मांग संघ द्वारा की गई है तो ही आदेश में संशोधन की भी मांग की गई है लेकिन अभी तक स्थानीय प्रशासन द्वारा इस संबंध में बालोद जिले में कोई निर्णय नहीं लिया गया है तो वहीं अन्य जिलों में भी धीरे-धीरे इस पर मांग उठने लगी है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आदेश के चलते कई जगह दुर्गा स्थापना ना हो पाने की स्थिति भी बन रही है लेकिन अगर प्रशासन से आदेश हो जाए तो फिर आस्था को मजबूती मिलेगी या फिर इस नवरात्रि भक्तों में निराशा भी देखने को मिल सकती है। अब फैसला प्रशासन के संशोधन आदेश पर टिका हुआ है।
