“दिमाग घुटनों में? — एक सोच का आईना”
“लड़कियों का दिमाग घुटनों में होता है”—यह वाक्य सुनते ही प्रश्न उठता है कि इसे हल्का-फुल्का व्यंग मानें या नासमझी की पराकाष्ठा। जब-जब यह बात मेरे सामने आती है, मैं…
“लड़कियों का दिमाग घुटनों में होता है”—यह वाक्य सुनते ही प्रश्न उठता है कि इसे हल्का-फुल्का व्यंग मानें या नासमझी की पराकाष्ठा। जब-जब यह बात मेरे सामने आती है, मैं…
यात्राएँ केवल पथ पर बढ़ते कदमों की गिनती नहीं होतीं,वे भीतर के मौन को अर्थ देने की प्रक्रिया होती हैं।जो आँखें देखती हैं, वह क्षणिक होता है—पर जो मन ग्रहण…
यदि हम भारत को विकसित भारत के रूप में देखने की भूमिका के परिप्रेक्ष्य में बात करें, तो प्रश्न उठता है—हम कैसा विकसित भारत चाहते हैं? अमेरिका जैसा विकसित भारत,…
कोरे कागज मन चंचल में, तुमने सौ सौ नाम लिखा है।मैने तो अपने हृदय में, केवल सीता राम लिखा है।। आसक्ति का कारण धरके, तुमने केवल मोह लिखा है।प्रणय पात…
बालोद/विशेष लेख। हर वर्ष 14 फरवरी को मनाया जाने वाला वैलेंटाइन डे केवल प्रेमी-प्रेमिकाओं का दिन नहीं, बल्कि प्रेम, इंसानियत और त्याग की एक ऐतिहासिक कहानी से जुड़ा हुआ है।…
बालोद। बुधवार को कुर्मी भवन बालोद में सिटी प्रेस क्लब बालोद का स्थापना दिवस, विचार गोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें लोकतंत्र की रक्षा में मीडिया की…
बालोद । बालोद जिले में सिटी प्रेस क्लब बालोद का एक वृहद आयोजन क्लब के स्थापना दिवस पर होने जा रहा है। जिसमें स्थापना दिवस के साथ-साथ विचार गोष्ठी व…
भाजी म सिरी भगवान बसे,अउ मास म बसे मसान जी।मोर गोठ ल गुनव थोरकिन,जम्मों लइका सियान जी। पर के बुध म परबुधिया आथे,अपन बुध चलथे बुधमान जी।मोर गोठ कतका सहीं…
मोहागेव तहु मन हा समारू,सोले अउ देशी दारू म।त बोहावत नाली अउ कचड़ा,के ढ़ेरा बर कहां बोल पाहू तुमन।। मोहागेव दाई,दीदी तहु मन,दु सौ रुपया अउ एकठन।लुगरा म त तुहर…
मनुष्य विधाता की सर्वश्रेष्ठ रचना है।वह विधाता की सर्वोत्तम अभिव्यक्ति भी है। हमारी संस्कृति में मनुष्य शरीर की काफी महिमा गायी गयी है। स्वस्थ जीवन का महत्व भी बताया गया…
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