जो व्यक्ति धर्म को आचरण में लेकर चलता है तो उनके जीवन में जो भी आवश्यकता होती है उसे परमात्मा स्वयं पूर्ण करते हैं- बालक दास
बालोद/ डौंडीलोहारा| ज्ञान और धर्म के मोती से सबको पिरोये हुए सत्संग की गंगा मे डुबकी लगाते हुए सामाजिक तो समसामयिक विषयों से अवगत कराते हुए मधुर भजनों से सुशोभित…
