फादर्स डे विशेष – गरीबी से उठकर आगे बढ़े और कई गरीब बच्चों का जीवन संवारने बनाई छात्रावास, देते रहे पिता की तरह पनाह, इसलिए तो हर कोई उन्हें कहता है “बालोद का बापू”
बालोद(छग)- ( ये खबर कवि व साहित्यकार कोहंगाटोला के डॉ अशोक "आकाश" साहू ने dailybalodnews.com के लिए लिखी है) - आज 20 जून फादर्स डे पर हम बालोद के…
