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बड़ी खबर- बोहारा में बच्चा चोरी का प्रयास, दूसरे दिन ग्रामीणों ने मार्केटिंग वालों की कर दी बच्चा चोर समझकर पिटाई


बालोद/गुरुर। गुरुर ब्लाक के ग्राम बोहारा में बच्चा चोरी प्रयास का मामला सामने आया है। जिसमें पहले तो एक महिला व दो अज्ञात पुरुष द्वारा बच्चे को चुराने का प्रयास किया गया। जिसकी भनक लगने के बाद महिला बच्चे को छोड़कर दो पुरुषों के साथ फरार हो गई। लेकिन दूसरे दिन इसी गांव में मार्केटिंग के नाम से पहुंचे हुए भिलाई के 3 लोगों को बचा चोर समझकर ग्रामीणों ने जमकर पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। मामला गुरुर थाने तक आ पहुंचा। जिसके बाद पूछताछ में पता चला कि यह कोई बच्चा चोर नहीं है। बल्कि भिलाई के रहने वाले हैं और कूपन ऑफर के जरिए अलग-अलग सामान बेचते हैं। और कार से आए हुए थे। ग्रामीणों द्वारा उन्हें अफवाह के चलते बच्चा चोर समझकर पिटाई कर दी गई। दरअसल में भिलाई के रहने वाले 3 लोग में से एक व्यक्ति गांव के बाहर कार में बैठा हुआ था। तो दो व्यक्ति गांव में घूम रहे थे।

इससे ग्रामीणों को संदेह हुआ कि कहीं यह वही बच्चा चोर तो नहीं है जो कल में आए हुए थे। और संदेह वश ग्रामीणों ने इन्हें पकड़कर पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले किया। पूछताछ में इनके बच्चा चोर ना होने का खुलासा हुआ। तो वही ग्रामीणों ने बताया कि कल शाम को गांव के ही एक 12 साल के बच्चे रितेश कुमार साहू पिता मनीष साहू को एक महिला कुछ खिलाने का लालच देकर अपने साथ उठाकर गांव से बाहर ले जा रही थी। फिर एक जगह जाकर वह किसी व्यक्ति को मोबाइल से फोन की कि बच्चे को उठा लिया हूं, जल्दी जल्दी गाड़ी लेकर आओ। महिला शाम 4 बजे गांव के बाहर खड़ी थी। इस बीच उसी रास्ते से बच्चे का चाचा मनोहर साहू आ रहा था। जिसने बच्चे को देख लिया। बच्चा उसे देख कर रोने लगा। वह पहचान गया कि बच्चा तो हमारे परिवार का है। तो यह महिला अनजान कौन है। उसे संदेह हुआ और वह उसके पीछे दौड़ने लगा। फिर क्या था महिला पकड़े जाने के डर से बच्चे को वहीं छोड़ कर भाग गई और दूर खड़े अपने पुरुष साथियों के साथ गाड़ी में बैठ कर फरार हो गई। इस बात से ग्रामीणों में दहशत थी कि गांव में बच्चा चोर आ गए थे और इसी दहशत के चलते दूसरे दिन मार्केटिंग के नाम से आए हुए 3 लोगों की पिटाई हो गई। जो असल में बच्चा चोर नहीं थे। पर अगर समय रहते बच्चे के परिजन अगर उसे नहीं देख पाते तो उक्त 12 साल के बच्चे का अपहरण हो जाता।

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