विधानसभा में बजट पर चर्चा में विधायक संगीता सिन्हा ने भाजपाई सांसदों की निष्क्रियता पर उठाए सवाल, सीएम को पत्र लिखने वाले कहने पर दी ये जवाब




बालोद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा पेश किए गए बजट पर विधानसभा में गुरुवार को बुधवार को चर्चा का दौर चला। जिसमें विधायक संगीता सिन्हा ने सभापति को संबोधित करते हुए कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ यह शब्द समस्त छत्तीसगढ़ वासियों के लिए ध्येय का वाक्य बन चुका है। नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। हमारी सरकार सराहनीय कार्य करते हुए प्रस्तुत बजट में शिक्षा, कृषि,स्वास्थ्य के क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति शिल्प कला आदि के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जो कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी ।सभापति जी अभी दो-चार दिनों से विपक्ष के साथियों ने जो बातें की थी मैं उनका भी जवाब देना चाहती हूं। हमारे मुख्यमंत्री को पत्र लिखने वाला मुख्यमंत्री कहा गया है। मैं बताना चाहती हूं कि हमारे यहां भारतीय जनता पार्टी के 9 सांसद हैं। हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का बकाया राशि है, 9 सांसद उस राशि को ला सकते थे। लेकिन वे नहीं लाए ।इसलिए कोरोना के चलते हमको यह कदम उठाना पड़ा। साथ ही बहुत सारी मांगे थे ।पत्र के बारे में मैं कहना चाहूंगी हमारे विपक्ष की राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने भी पत्र लिखा था। लेकिन वह उचित नहीं था। भिलाई से रायपुर ज्यादा दूर नहीं है हमको तो दिल्ली जाने में समय लग ही जाता है। मैं यह भी बताना चाहूंगी कि कला के क्षेत्र में हमारे सरकार की हंसी उड़ाते हैं, कोई भी कला का क्षेत्र में हो चाहे वह राउत नाचा की बात हो। मैं राउत नाचा के बारे में याद दिलाना चाहूंगी कि पिछले 15 सालों के बीच में रमन सिंह और बहुत से दिग्गज नेताओं ने भिलाई की सभा में सुआ नृत्य का आनंद लिया था। इस बीच मंत्री अमरजीत भगत ने कहा संगीता जी यह जो सुआ नाच है वह महिलाओं का नाच है, उसमें डॉक्टर साहब क्या कर रहे थे? विधायक संगीता ने कहा जो बजट पेश किया हुआ है मैं उसका समर्थन करती हूं। ये संतुलित बजट है। हमारी सरकार ने 20 लाख 53000 किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की है। जो छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक है ।साथ ही राजीव नया योजना में 5703 करोड़ का प्रावधान किया गया है।फसल बीमा योजना में 606 करोड़ में, कृषि समग्र विकास योजना में 81 करोड़, प्रधानमंत्री कृषि किसान सिंचाई योजना में शाकंभरी योजना में 123 करोड़ का प्रावधान है। जो बहुत ही सराहनीय है। विधायक ने गोधन न्याय योजना के बारे में कहा कि इसमें हमारे किसान बहुत ही संतुष्ट हैं और आत्म स्वावलंबी बनने की के लिए आगे आ चुके हैं। महिलाएं भी बहुत खुश हैं। आत्मनिर्भर बन रही हैं। गोधन न्याय योजना पर संगीता सिन्हा ने कहा कि गौठान समितियों द्वारा पशुपालकों को 2 किलो की दर से 80 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। साथ ही युवाओं के लिए नक्सलवाद से निपटने के लिए हमारे बस्तर टाइगर से नाम से 2800 पद विशेष पुलिस बल का गठन किया गया है। उनके लिए ₹92 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। नक्सलवाद घटना में अभी बहुत कमी आई हुई है। पिछले 15 साल से नक्सलवाद और नक्सली हमले हो रहे थे उसमें अभी का आंकड़ा देखा जाए तो बहुत कमी आई है। छत्तीसगढ़ी कला शिल्प कृषि एवं अन्य सभी प्रकार के उत्पादकों का व्यंजनों का एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के लिए सी मार्ट स्टोर की स्थापना किए हैं। मैं उनका भी समर्थन करती हूं और सराहना करती हूं। उन्होंने सड़क के बारे में कहा कि 15 साल में जो सड़क की स्थिति बहुत खराब थी जो सिर्फ 2 किलोमीटर तक खराब रहती थी वहां के ग्रामीणों को आवागमन में समस्या होती थी वह जर्जर स्थिति में थी उस सड़क को हमारी सरकार बनाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की भी सराहना की। कहा कि 1 साल में 99000 बच्चे कुपोषित मुक्त किए जा चुके हैं। 2018 में कुपोषण का स्तर 26.33 प्रतिशत था जो घटकर 2019 में 23. 37% हो चुका है. लॉकडाउन के दौरान हर वर्ग के लिए भूपेश बघेल ने काम किया है।इस दौरान कुपोषित महिलाओं व शिशु की महिलाओं व शाला त्यागी किशोरियों आंगनबाड़ी केंद्र के लगभग 24 लाख 38000 हितग्राहियों को घर-घर जाकर रेडी टू ईट वितरित किया गया। जो सराहनीय काम है। मेरे विधानसभा में ही कोरोना काल में जो बच्चे कोटा में फंसे हुए थे। वहां से बच्चों को लाया गया आज वे एमबीबीएस में एडमिशन पा चुके हैं। मैं उन अभिभावकों की ओर से सरकार का धन्यवाद देना चाहती हूं। इसके अलावा उन्होंने द्वितीय संतान बालिका के जन्म पर राज्य सरकार द्वारा ₹5000 की एकमुश्त सहायता राशि दिए जाने के लिए कौशल्या मातृत्व योजना की भी तारीफ की।

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