आत्मरक्षा का प्रशिक्षण ले रही किल्लेकोड़ा स्कूल की छात्राएं, विद्यार्थियों ने देखा ‘परीक्षा पर चर्चा’ का सीधा प्रसारण



बालोद। वनांचल क्षेत्र में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किल्लेकोड़ा में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। विद्यालय में अध्ययन के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसी क्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नवें संस्करण के विशेष कार्यक्रम ‘परीक्षा पर चर्चा’ का सीधा प्रसारण टीवी के माध्यम से देखा और सुना। कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं के लगभग 80 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों को परीक्षा पूर्व तैयारी, सकारात्मक सोच और विभिन्न विषयों से जुड़े तनाव को दूर करने के संबंध में प्रेरणादायक संदेश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा के बोझ से मुक्त होकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा एक निश्चित लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उनके संदेश से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ा और उन्हें परीक्षा की ओर एकाग्र होकर तैयारी करने की प्रेरणा मिली।

इस अवसर पर डॉ. बी.एल. साहसी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और लगन से परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को सफलता से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

प्राचार्य अजय मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए लाभदायक है। उन्होंने 10वीं और 12वीं के सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कार्यक्रम परीक्षा की तैयारी में उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करेगा।

मुक्ति मैडम ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा टीवी के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है, जिससे बच्चों को सीधे मार्गदर्शन प्राप्त होता है। वहीं श्रीमती त्रिजिला ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री का संदेश विद्यार्थियों के लिए निश्चित रूप से शुभफलदायी सिद्ध होगा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं स्टाफ भी उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ तथा आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।

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