बालोद में सहायक शिक्षकों का जोरदार हल्लाबोल प्रदर्शन, सरकार को याद दिलाई घोषणापत्र की गारंटी



बालोद। बीते दिनों, चुनावी घोषणापत्र में किए गए वायदों को याद दिलाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के आह्वान पर बालोद बस स्टैंड में पूरे जिले से हजारों सहायक शिक्षक, शिक्षक और प्राचार्य एकजुट हुए और जबरदस्त हल्लाबोल प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने कहा कि यह सिर्फ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन है; यदि सरकार उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं करती, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी गई। फेडरेशन के जिलाध्यक्ष एलेन्द्र यादव ने कहा कि बार-बार आश्वासन के बावजूद सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति आज तक पूरी नहीं हुई है, जबकि सरकार ने 100 दिनों में सभी मांगें पूरी करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता बनाए रखना और वीएसके एप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करवाना शिक्षकों के लिए अव्यवहारिक है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख ने आंदोलन की मुख्य चार मांगों का विवरण दिया:

वेतन विसंगति दूर करना, जो सरकार के घोषणा पत्र में शामिल थी।
क्रमोन्नत वेतनमान, क्योंकि कई शिक्षक 15-20 वर्षों से एक ही पद पर हैं।
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना, ताकि एलबी संवर्ग के शिक्षकों को वास्तविक लाभ मिल सके।
टीईटी की अनिवार्यता और वीएसके एप के विवाद, जिन्हें नौकरी के बाद लागू करना अनुचित है।
धरना-प्रदर्शन में जिले भर से सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। फेडरेशन के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्राचार्य और अन्य सहयोगियों ने भी सभा को संबोधित कर समर्थन दिया। सेजेस प्राचार्य नीलम कौर ने कहा कि शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस से डरते नहीं हैं, लेकिन उन्हें केवल शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाना चाहिए। शिक्षक समुदाय ने इस प्रदर्शन के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी लंबित मांगों को जल्द पूरा करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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