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किलेपार पंचायत में सचिव के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश, 9 माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

जांच रिपोर्ट में स्थानांतरण उचित बताए जाने के बावजूद सचिव अब तक पद पर कायम

बालोद/गुण्डरदेही। जनपद पंचायत गुण्डरदेही अंतर्गत ग्राम पंचायत किलेपार में पंचायत सचिव के व्यवहार और कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पोखलाल तूरतूरिया पर भेदभावपूर्ण रवैया, अनुचित व्यवहार और मनमानी कार्यप्रणाली का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग तेज कर दी है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध में 19 जून 2025 को जनपद पंचायत कार्यालय में मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत आवेदन सौंपा गया था। आवेदन में सचिव की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों को हो रही परेशानियों का उल्लेख करते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की गई थी।


जांच में सामने आई सामंजस्य की कमी

मामले को गंभीरता से लेते हुए 20 अगस्त 2025 को जनपद पंचायत गुण्डरदेही की जांच टीम द्वारा ग्राम पंचायत भवन किलेपार में जांच की गई। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार जांच दल ने सरपंच और सचिव के बीच आपसी सामंजस्य की कमी पाई।

जांच रिपोर्ट में सचिव को दोषी मानते हुए उनका स्थानांतरण किया जाना उचित बताया गया था। इसके बावजूद अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।


“10 वर्षों से जमे हैं सचिव” — ग्रामीण

ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित सचिव लगभग 10 वर्षों से पंचायत में पदस्थ हैं और आम लोगों के साथ उनका व्यवहार ठीक नहीं रहता। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं तथा लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जल्द कार्रवाई करते हुए नए सचिव की नियुक्ति की जाए, ताकि पंचायत के विकास कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सकें।


स्थानांतरण पर स्वयं सचिव की सहमति भी!

सूत्रों के अनुसार, पंचायत सचिव द्वारा स्वयं भी स्थानांतरण के लिए लिखित सहमति दी जा चुकी है। इसके बावजूद मामला पिछले 9 महीनों से लंबित पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे जनआंदोलन और उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे।

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