मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने दुर्ग में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
दुर्ग। आर्ट ऑफ गिविंग के 13वें अंतरराष्ट्रीय स्थापना दिवस के अवसर पर समाजसेवा एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं के लिए निशुल्क सैनेटरी पैड वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई।
आर्ट ऑफ गिविंग के संस्थापक एवं महान शिक्षाविद समाजसेवी डॉ. अच्युत सामंत से प्रेरित होकर संस्था के वालंटियर्स “Share to Shine” थीम पर समाज में छोटे-छोटे सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों के जरिए खुशियां फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
“मासिक धर्म प्राकृतिक प्रक्रिया, जागरूकता जरूरी” — फनेश्वरी साहू

आर्ट ऑफ गिविंग दुर्ग जिले की जिला समन्वयक सुश्री फनेश्वरी साहू ने कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और इसके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं जरूरतमंद क्षेत्रों की महिलाओं और किशोरियों तक स्वच्छता संबंधी सामग्री पहुंचाना समाज के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं को सैनेटरी पैड वितरित कर उन्हें स्वच्छ एवं सुरक्षित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
महिलाओं ने की पहल की सराहना
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और किशोरियों ने इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए आर्ट ऑफ गिविंग टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आर्ट ऑफ गिविंग छत्तीसगढ़ टीम के वालंटियर्स एवं स्थानीय नागरिकों का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता पहुंचाकर समाज में सेवा, संवेदना और जागरूकता का संदेश देना रहा।
