कन्या महाविद्यालय बालोद में “दैनिक जीवन में भौतिकी” पर अतिथि व्याख्यान, छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मिला नया आयाम



बालोद। भक्त माता कर्मा शासकीय कन्या महाविद्यालय, बालोद में भौतिकी विभाग द्वारा दिनांक 17 जनवरी 2026 को “दैनिक जीवन में भौतिकी (Physics in Daily Life)” विषय पर एक ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को यह समझाना था कि भौतिकी केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. शिवेन्द्र कुमार, शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय, राजनांदगांव रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य प्रो. कलेंद्री रावटे के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक एवं बौद्धिक कार्यक्रम छात्राओं में वैज्ञानिक सोच और तार्किक दृष्टिकोण के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

अपने व्याख्यान में डॉ. शिवेन्द्र कुमार ने सरल, सहज एवं रोचक शैली में दैनिक जीवन से जुड़े अनेक उदाहरणों के माध्यम से भौतिकी के सिद्धांतों को स्पष्ट किया। उन्होंने मोबाइल फोन, विद्युत उपकरण, पंखा, रेफ्रिजरेटर, माइक्रोवेव ओवन, परिवहन साधन, सौर ऊर्जा, इंटरनेट एवं आधुनिक तकनीकी उपकरणों में प्रयुक्त भौतिकी के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भौतिकी की समझ न केवल तकनीक के सही उपयोग में सहायक है, बल्कि नवाचार, अनुसंधान एवं वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करती है।

इस अतिथि व्याख्यान में बी.एससी. प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर गणित संकाय की छात्राओं ने विशेष रूप से सहभागिता की। छात्राओं ने पूरे व्याख्यान के दौरान गहरी रुचि दिखाई। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान छात्राओं ने दैनिक जीवन से जुड़े कई जिज्ञासापूर्ण एवं सार्थक प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर डॉ. शिवेन्द्र कुमार ने अत्यंत सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से दिया। इससे छात्राओं की शंकाओं का समाधान हुआ तथा उनमें आत्मविश्वास एवं तार्किक क्षमता का विकास हुआ।

कार्यक्रम का सफल आयोजन भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. संतोष राना द्वारा किया गया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार के अतिथि व्याख्यान छात्राओं को विषय के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ते हैं और उन्हें उच्च शिक्षा, शोध एवं वैज्ञानिक क्षेत्र में करियर के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं। अंत में प्रो. संतोष राना ने मुख्य वक्ता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।

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