बालोद। देश के यशस्वी एवं दूरदर्शी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्री विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर शुरू की गई प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ने कारीगरों और पारंपरिक श्रमिक वर्ग के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। इस रोजगारोन्मुखी योजना के तहत देशभर में 18 ट्रेड को शामिल कर प्रशिक्षण के माध्यम से लोगों को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में नाई (सेन) समाज को भी इस योजना का प्रत्यक्ष लाभ मिला है। योजना के अंतर्गत नाई समाज से जुड़े प्रशिक्षणार्थियों को सेलून और पार्लर व्यवसाय से संबंधित रोजगारपरक प्रशिक्षण एवं आवश्यक जानकारी दी गई। एक सप्ताह तक चले इस कौशल प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षणार्थियों को मेहनताना के रूप में निर्धारित राशि सीधे उनके बैंक खातों में अगले ही दिन ट्रांसफर की गई, जिससे प्रशिक्षणार्थियों में उत्साह देखने को मिला।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि प्रशिक्षणार्थियों के लिए बिना किसी गारंटी के ऋण (लोन) की भी सुविधा प्रदान की गई। जिन प्रशिक्षणार्थियों को व्यवसाय विस्तार के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी, उन्होंने इस अवसर का लाभ उठाकर अपने स्वरोजगार को आगे बढ़ाया।
इसके साथ ही योजना के तहत सेलून व्यवसाय में उपयोग आने वाले टूल किट का वितरण भी किया गया। यह टूल किट डाकघर (पोस्ट ऑफिस) के माध्यम से वितरित की गई। टूल किट प्राप्त करने वालों में लालचंद नूनीवाल, विक्की भारद्वाज, मुकेश कौशिक, मनोज श्रीवास, हेमंत सेन, मोती सेन, कमल नारायण कौशिक, चीकू सेन, रोशन कौशिक सहित अन्य प्रशिक्षणार्थी शामिल रहे। सभी प्रशिक्षणार्थियों ने पोस्ट ऑफिस पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण की और अपने-अपने टूल किट प्राप्त किए।
टूल किट मिलने के बाद प्रशिक्षणार्थियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने में बड़ी सहायता मिलेगी। इस अवसर पर सभी लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना पारंपरिक कारीगरों और श्रमिकों के लिए वरदान साबित हो रही है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के सफल क्रियान्वयन से आज पूरे सेन समाज में खुशी का माहौल है। समाज के लोगों का कहना है कि यह योजना न केवल रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है, बल्कि आत्मसम्मान के साथ जीवनयापन की राह भी प्रशस्त कर रही है।
