इंस्टाग्राम से हुई जान पहचान फिर घर आकर बनाया हवस का शिकार, नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को मिला 20 वर्ष का कारावास

बालोद । कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा मुकेश रावटे उम्र-24 वर्ष, निवासी-पुत्तरवाही, थाना-डौण्डी, जिला-बालोद (छ.ग.) को भारतीय न्याय संहिता की धारा 127 (2) के अपराध में 01 वर्ष का सश्रम कारावास व 500/- अर्थदण्ड, धारा 351 (3) भा.न्या.सं. के अपराध में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 500/- अर्थदण्ड तथा लैंगिक अपराध की धारा 3, 4 (2) के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। बसंत कुमार देशमुख, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार नाबालिग पीड़िता का इंस्टाग्राम के माध्यम से आरोपी से जान पहचान होने से आरोपी से मोबाईल के माध्यम से बातचीत होती थी। दिनांक 29-11-2024 पीड़िता जब घर में अकेली थी, उसी दौरान आरोपी घर आया और पीड़िता को कमरे में ले जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर पीड़िता के साथ गलत काम किया। पीड़िता के चिल्लाने पर उसके मुंह को बंद कर किसी को घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी देकर चला गया। पीड़िता के द्वारा डर कर घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। लेकिन दिनांक 15-12-2024 को पीड़िता के माता के घर पर आने और उसके पति के द्वारा उसके मोबाईल में दिनांक 13-12-2024 को बहुत सारा मैसेज आने पर पीड़िता से पूछताछ करने पर उसने उक्त घटना के बारे में अपने माता-पिता को बतायी। जिस पर दिनांक 16-12-2024 को थाना-राजहरा में पीड़िता की माता के द्वारा लिखित रिपोर्ट दर्ज कराये जाने पर म.प्र.आ. लैनी रावटे के द्वारा आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक-343/2024 अंतर्गत संहिता की धारा 65 (1), 127(2), 351(3), व संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक सुनील तिर्की व उपनिरीक्षक-उमा ठाकुर के द्वारा किया गया।

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