BIGBREAKING-बालोद का सबसे बड़ा फ्रॉड -52 बेरोजगारों से नौकरी लगाने के नाम पर 26 लाख की धोखाधड़ी, राज्यपाल, कलेक्टर एसपी तक पहुंच बताकर बनाया ग्रामीणों को शिकार, पुलिस कर रही तलाश



बालोद/दल्लीराजहरा/डौंडीलोहारा  – बालोद जिले में नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है दल्ली राजहरा के एक शख्स सतीश उपाध्याय ने डौंडीलोहारा व बालोद इलाके के कई गाँव के 52 बेरोजगारों से 26 लाख 98 हजार 500 रुपए की धोखाधड़ी की है आरोपी बकायदा खुद की पहुंच राज्यपाल तक बताता था कलेक्टर एसपी से अच्छी सेटिंग की बात कर अलग अलग विभाग में नौकरी के नाम से पैसा लिया फिर घर में ताला लगाकर भाग गया थके हारे ग्रामीणों ने फिर थाने में शिकायत की है सबसे पहले आरोपी ने डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम कोटेरा के बिश्राम सिंह निषाद को टार्गेट किया जिसके घर उसका 20 साल से आना जाना था पुलिस ने बिश्राम की शिकायत पर ही आरोपी सतीश उपाध्याय के खिलाफ धारा 420 का केस दर्ज किया है टीआई मनीष शर्मा ने बताया आरोपी फरार हैं तलाश चल रही है

ऐसे आया वैद्यराज झांसे में

आवेदक विश्राम सिंह पिता स्व0 सुंदरू राम जाति केवट उम्र 68 वर्ष ग्राम कोटेरा ने बताया  मैं कृषि, पूजा-पाठ व वैद्यराज का काम करता हूं, मेरे पास मरीजों का आना-जाना लगा रहता है। सतीश उपाध्याय निवासी दल्लीराजहरा का परिवार एवं खुद स्वयं सतीश उपाध्याय विगत 20 वर्षों से लगातार मेरे पास आना-जाना करता था। विगत वर्ष मार्च सन् 2019 में सतीश उपाध्याय मेरे घर ग्राम कोटेरा में आया और मुझे 04-05 लडका या लडकियों को सरकारी नौकरी लगाने का मांग किया और पी0डब्लू0डी0 व पी0एच0ई0 तथा वन विभाग में सरकारी नौकरी लगाना हैं कहकर बोला। मैं उसे इंकार किया। तब उसने मुझे अपने बातों में फंसाकर एस0पी0, कलेक्टर तथा राज्यपाल से जान पहचान हैं, कहकर मुझे फंसा लिया। सरकारी नौकरी लग जायेगा प्रत्येक नौकरी के लिए 50,000/- रूपया लगेगा कहने पर मैं उसके बातों में विश्वास कर लिया और मार्च 2019 में अपनी लड़की कु0 धनेश्वरी, लड़का इन्द्रेश कुमार, मेरा नाती प्रेमलाल तथा पडोंसी इन्द्रपाल कोरटिया, अखिलेश्वरी कोरटिया को पी0एच0ई0 व वन विभाग में नौकरी लगाने के लिए प्रत्येक लोगों के नाम पर 40,300/- रूपये मांग कर कुल 2,01,500 रूपये ले गया था तथा साथ में स्कूल सर्टिर्फिकेट, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधारकार्ड, बैंक पासबुक, दो-दो पासपोर्ट साईज का फोटो भी ले कर गया था।

ऐसा बिछाया अन्य लोगों तक जाल

उसके कुछ दिन बाद फिर आया और बोला कि पाचों लोगों का सरकारी नौकरी लगना तय हो गया है। मुझे कम से कम 15 बच्चे और चाहिए। फिर सभी लोगो का एक साथ नियुक्ति पत्र आयेगा कहने पर ग्राम कोटेरा, सोरली, खेरथा, संबलपुर एवं आसपास गावों के कुछ लोग मेरे पास आते थे, उन लोगों को सतीश उपाध्याय से मूलाकात कराया। तब सतीश उपाध्याय ने उन लोगों को भी बताया कि उनकी जान पहचान अधिकारियों से हैं। सरकारी नौकरी लग जायेगा कहने पर ग्राम कोटेरा निवासी वाल्मिकी कोरटिया, एन0 कुमार निषाद, हेमराज कोरटिया, शिवेश्वर निषाद, लोमेश कुमार कोरटिया, टोमन लाल भुआर्य, टुकेश्वर लाल ग्राम सोरली निवासी मानसिंह, राकेश ग्राम खेरथा निवासी, कमलेश, उदय, शैलेन्द्र ग्राम कोबा निवासी, केजुराम, केदार राम, संबलपुर निवासी विकास पटेल, सभी लोगों के पालको ने 40,300/- रूपये कुल 6,04,500 रूपये सतीश उपाध्याय को लाकर दिये।

राज्यपाल तक का नाम लेता रहा

उसके बाद सतीश उपाध्याय कुछ दिनों बाद फिर आकर बोला कि राज्यपाल आनंदीबेन, अनुसुइया उइके के कोटा में 60 पद रिक्त  हैं बताकर ग्राम कोरगुडा निवासी गोमतीबाई, ग्राम कामता निवासी महिमा कुमारी, ग्राम संजारी निवासी प्रेमूराम, आलीखूटा निवासी बिरेन्द्र , बिरेतरा निवासी हुलेश, फिरतुटोला निवासी दिलीप, भैंसबोड निवासी वेदप्रकाश, किल्लेकोडा निवासी तुकेश्वर के नाम से 40,300/- रूपये प्रत्येक लोगों से कुल 3,22,400 रूपये, ग्राम चंदिया निवासी कल्पना के नाम से 50,000/- रूपये, कोटेरा के हितेश्वरी के नाम से 40,300/- रूपये, संजारी के निरूपा के नाम से 1,20,000/- रूपये, लाटाबोड के गीता के नाम से 1,00000/- रूपये, ग्राम खैरा के लताकुमारी के नाम से 1,00000/- रूपये, धमतरी के हिमलेश के नाम से 1,00000/- रूपये, सम्बलपुर के रमन के नाम से 40,000/- रूपये, राजनांदगांव के कमलेश कमलेश के नाम से 50,000/- रूपये, ग्राम भैंसबोड के धनश्याम के नाम से 44,000/- रूपये, ग्राम कामता के लोकेश, एवं देवेन्द्र के नाम से 50,000-50,000/- रूपये, संजारी के देवेन्द्र ठाकुर के नाम से 1,00000/- रूपये, ग्राम मनकी के सुरजीत के नाम से 40,000/- रूपये, ग्राम आसरा के इन्द्रपाल के नाम से 50,000/- रूपये, ग्राम संजारी के ताकेश्वर के नाम से 50,000/- रूपये, राहुल के नाम से 75,000/- रूपये, ग्राम आसरा के पुरूषोत्तम के नाम से 1,00000/- रूपये, ग्राम धनगांव के धनीराम के नाम से 50,000/- रूपये, ग्राम खेरथा के बेदराम के नाम से 1,00000/- रूपये, भगतराम के नाम से 50,000/- रूपये, ग्राम संजारी के विमल के नाम से 35,000/- रूपये, कुलदीप के नाम से 40,000/- रूपये, नेमन के नाम से 35,000/- रूपये और ग्राम बिजौरा के किशन कुमार के नाम से 50,000/- रूपये कुल 15,19,000 रूपये लेकर गया। उपरोक्त व्यक्तियों के पालको द्वारा रकम दिया गया हैं, सभी लोग सतीश उपाध्याय को मेरे घर नगद पैसे दिये हैं।

खाते में भी जमा कराया पैसा

ग्राम संजारी निवासी भूषण बासुरिया ने अपनी पुत्री श्रीमती निरूपा तथा ग्राम बिजौरा निवासी किशन के नाम से सतीश उपाध्याय द्वारा दिये गये पंजाब नेशनल बैंक शाखा दल्लीराजहरा के खाता नंबर 1521000100985813 आईएफसी कोड पीयूएनबीओ 122100 में 25,000/- रूपये व 26,100/- रूपये जमा किया है। इस तरह सतीश उपाध्याय द्वारा 52 बच्चों को सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर कुल 26,98,500/- रूपये ले गया हैं और लगातार फोन में बात करता रहा है। सतीश उपाध्याय फोन पर सिंह सर, शर्मा, शुक्ला, चौबे, कलेक्टर भारतद्वाज, राजेश शुक्ला आई0ए0एस0 अफसर को पैसा देना हैं कहकर बताकर ले गया है।

घर में ताला लगाकर है फरार, अगस्त 2020 तक नौकरी का किया था वादा

वैद्यराज निषाद ने बताया सतीश उपाध्याय जुलाई 2020 तक लगातार ग्राम कोटेरा आना-जाना किया उसके बाद मोबाइल से बातचीत होती थी तब वह ज्वाइनिंग के लिए समय देता रहा। नवरात्रि पर्व में वह अपनी मां के नाम पर मेरे पास मंदिर में जोत भी जलवाया था, उसके बाद उससे मोबाइल नंबर 97559-79995 में संपर्क करने पर अपनी मां की तबियत खराब होने से बेंगलूर में भर्ती होना बताया और सभी लोगों को 15 अगस्त 2020 तक सरकारी नौकरी में लगाने का वादा करता रहा। 15 अगस्त 2020 के बाद उससे संपर्क करने पर मोबाइल बंद कर दिया है। उसके घर जाकर पता करने पर अपने घर में ताला लगाकर कही चला गया हैं। मोबाइल भी बंद करके रखा हैं। इस तरह से सतीश उपाध्याय द्वारा हम गरीब किसानों के बच्चों को सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर हम लोगों के साथ छल-कपट करके धोखाधडी किया हैं।

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