बालोद। गुंडरदेही ब्लॉक मुख्यालय के अंतर्गत जुआ खेल रहे तीन जुआरी पुलिस के पकड़े जाने के डर से गुरुवार को नदी में कूद गए थे। जिसमें से दो युवक तो तैर कर बाहर आ गए लेकिन दुर्गेश सोनकर उम्र 30 वर्ष लापता था। जिसकी पता तलाश स्थानीय पुलिस सहित एसडीआरएफ और गोताखोर की टीम करती रही। शुक्रवार देर शाम तक उसकी लाश घटना स्थल से 50 मीटर दूर दलदल में फंसा हुआ मिला। लाश मिलने पर परिजन और स्थानीय निवासी आक्रोशित हो गए और धमतरी चौक के पास सड़क जाम कर प्रदर्शन में जुट गए। लोगों द्वारा घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने, मृतक के स्वजन को 10 लाख मुआवजा राशि देने और एक को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर अड़े रहे। घटनास्थल पर पूर्व विधायक वीरेंद्र साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, एएसपी मोनिका ठाकुर, एसडीएम प्रतिमा ठाकरे, एसडीओपी राजेश बागडे सहित अन्य पहुंचे थे । परिवार के लोगों को न्याय दिलाने तथा करीब ₹5 लाख का मुआवजा और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नगर पंचायत में प्लेसमेंट के तहत रोजगार देने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया। जानकारी के अनुसार पुलिस से बचने के डर से युवक नदी में कूद गए थे । लगभग 22 घंटे की मशक्कत के बाद युवक दुर्गेश सोनकर का शव मिला। इधर इस घटना से शहर में सुबह से देर रात तक तनावपूर्ण स्थिति रही।
परिजनों ने लगाए थे पुलिस पर गंभीर आरोप
गुरुवार से लापता युवक के परिजनों का कहना था कि दुर्गेश सिर्फ घूमने गया था, वह जुआ नहीं खेल रहा था। उनका आरोप है कि मौके पर 8 से 10 पुलिसकर्मी डंडे लेकर पहुंचे और युवकों को दौड़ाया। डर के कारण दुर्गेश नदी में कूद गया।
क्या कहना था पुलिस प्रशासन का
थाना प्रभारी मनीष शिंडे के अनुसार खेत मालिक द्वारा थाने पहुंचकर शिकायत की गई थी कि उनके खेत के पास कुछ लोग ताश जुआ खेल रहे हैं। जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची तो युवक घबरा गए और भागने लगे। जब पुलिस मौके पर पहुंची तब तक सभी लोग वहां से फरार हो चुके थे और कोई भी डूबता हुआ नहीं मिला। कुछ घंटे बाद सूचना मिली कि जुआ खेल रहे युवकों में से एक नदी में कूद कर डूब गया है। इसके बाद पुलिस टीम घटना स्थल पहुंची और एसडीआरएफ और गोताखोरों के साथ तलाश शुरू की गई। देर शाम रात को युवक का शव बरामद हुआ ।
