कांग्रेस नेता डॉक्टर ओमकार महमल्ला द्वारा क्लिनिक में चेकअप के बहाने युवती से की गई थी अश्लील हरकत, मिला आजीवन कारावास



बालोद। गुरुर के कांग्रेस नेता डॉक्टर ओमकार महमल्ला को अपनी क्लीनिक में एक युवती के साथ चेकअप के बहाने अश्लील हरकत करना महंगा पड़ा है। उनके इस घिनौने कृत्य के लिए बालोद के कोर्ट में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। बालोद में माननीय एस.एल. नवरत्न, प्रधान विशेष / सत्र न्यायाधीश अंतर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, बालोद, जिला बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी ओंकार महमल्ला आ. प्रेमुलाल महमल्ला, उम्र-36 वर्ष, निवासी वार्ड क्र. 03 शिव चौक, नगर पंचायत गुरूर, थाना-गुरूर, जिला-बालोद (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 376 के आरोप में दस वर्ष के सश्रम कारावास व 2000/- रू० अर्थदण्ड, धारा 3(2) (v) के आरोप में आजीवन कारावास व 2000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। व्यतिक्रम पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण की पैरवी शासन की ओर से पुष्पदेव साहू विशेष लोक अभियोजक (एट्रोसिटी) बालोद (छ.ग.) के द्वारा किया गया । जिसके अनुसार प्रार्थिया/पीड़िता ने थाना अजाक में इस आशय की लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी कि दिनांक 09.06.2021 की रात्रि 9:00 बजे जब पीड़िता अपने ईलाज कराने के लिए डॉक्टर ओंकार महमल्ला के क्लीनिक गुरूर में गई तो डॉक्टर द्वारा पीड़िता के साथ चेक करने के बहाने पीड़िता को बेईज्जत करने की नीयत से अश्लील हरकत करते हुए बलपूर्वक पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में ऊंगली डालकर प्रताड़ित व अपमानित किया, उसके द्वारा विरोध करने व शोर शराबा करने पर उसके मुंह में रूमाल ठूंसकर धमकी दिया कि यदि चिल्लाओगी या घटना के बारे में किसी से कुछ भी कहेगी तो उसे जान से मार देगा, फिर उसके द्वारा घटना की जानकारी अपनी दीदी व जीजा को दी तथा उसके पिता के आने पर उसने थाना में शिकायत की। पीड़िता के उक्त शिकायत के आधार पर आरोपी ओंकार महमल्ला के विरूद्ध थाना-अजाक द्वारा भा.द.वि. की धारा 376, 506 (बी) तथा अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(2) (v) के अधीन अभियुक्त के विरूद्ध 2021 में एफआईआर पंजीबद्ध कर प्रकरण को विवेचना में लिया गया था। सम्पूर्ण विवेचना पश्चात् माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया। प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को उक्त दण्ड से दण्डित गया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक पद्मा जगत, उ.नि.खगेन्द्र पठारे,, उप पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिन्हा के द्वारा किया गया। बता दे कि जब घटना हुई उस दौरान आरोपित डॉ ओंकार गुरुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी थे। इस घटना के सामने आने के बाद उन्हें पद से हटाया भी गया था तो वही उनके द्वारा स्वयं का एक वीडियो बनाकर इस घटना में आरोप को निराधार बताया गया था ।उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया गया था। लेकिन कोर्ट में जज ने सामने आए सबूत और गवाहों के मद्देनजर उन्हें घटना की गंभीरता को देखते हुए और एक विशेष जाति की युवती के साथ इस तरह के कृत्य को अंजाम देने के कारण आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

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