जिला पंचायत उपाध्यक्ष / सभापति शिक्षा स्थाई समिति तोमन साहू के प्रयास से जिले के स्कूलों में भवन की हुई स्वीकृति
चार जर्जर स्कूलों के नवनिर्माण के लिए सरकार ने जारी की राशि
बालोद। नये शिक्षा सत्र की शुरूआत होते ही स्कूलों की कमियां उभरने लगी है, ऐसे में बालोद जिले में कई स्कूल मौजूद है जिसे निर्माण हुए कई साल हो चुके हैं लेकिन उसकी मरम्मत या जीर्णोद्धार अभी तक नहीं हो पाई है। जिसके चलते स्कूली बच्चों को पढ़ाई करने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों की इसी समस्या को देखते हुए जिला पंचायत बालोद के उपाध्यक्ष तोमन साहू ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री से चर्चा कर उन्हें अवगत कराया जिसके बाद अब बालोद जिले के चार स्कूलों के लिए सरकार ने राशि स्वीकृत कर दी है।
नये सिरे से बनेंगे ये चार स्कूल
जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने जब स्कूल शिक्षा मंत्री से चर्चा की और जिले के जर्जर स्कूलों के विषय में उनका ध्यानाकर्षण कराया उसके बाद मंत्री ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया। जिसके बाद बालोद जिले के शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल जगन्नाथपुर सांकरा, शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल पीपरछेड़ी, शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल गुरूर और शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल कमकापार, इन चारों स्कूलों के लिए अलग-अलग 1 करोड़ 21 लाख रूपये स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वीकृत किये हैं।

नये सिरे से बनेगा स्कूल
जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने सरकार की ओर से राशि स्वीकृत किये जाने के बाद सरकार का आभार जताया और कहा कि बालोद जिले के चार स्कूल,जहां स्कूली बच्चों के पढ़ाई करने के लिए उपयुक्त भवन ही नहीं था, जल्द अब बच्चों को सुविधा मिलने वाली है। क्योंकि सरकार की ओर से स्वीकृत राशि के बाद जर्जर स्कूल भवन को डिसमेंटल किया जायेगा ,जिसके बाद नये सिरे से स्कूल भवन बनकर तैयार होगा।
आंदोलन का अपनाया था रास्ता
बीते वर्ष पीपरछेड़ी गांव के ग्रामीण स्कूली बच्चों के साथ स्कूल में तालाबंदी कर जर्जर स्कूल भवन को नये सिरे से तैयार करने की मांग की थी। जिसके बाद प्रशासन की ओर से महज आश्वासन ही मिल पाया था। इसके अलावा जगन्नाथपुर सांकरा के ग्रामीण भी स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर प्रशासन से नाराज थे और आंदोलन की चेतावनी दिये थे। लेकिन स्कूली बच्चों की समस्याओं को देखते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने पहल की और आज सरकार की ओर से राशि स्वीकृत कर दी गई।
जिपं उपाध्यक्ष ने किया था निरीक्षण
जैसे ही जिले के जर्जर स्कूलों की जानकारी जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू को लगी उसके बाद से ही तोमन साहू सहित मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र साहू, अरुण साहू,जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू, जनपद सदस्य दमयंती हरदेल, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर, शाला विकास एवं प्रबंधन समिति अध्यक्ष भूपत बघेल, ग्राम साँकरा ज सरपंच लता बाई चुरेंद्र, ग्राम पंचायत पिपरछेड़ी सरपंच कृष्णा राम साहू, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष श्रवण साहू, भाजपा महामंत्री पुनम चंद जैन, प्रीतम देशमुख ने स्कूलों का निरीक्षण कर जायजा लिया था और फिर स्कूल शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। सरकार के इस फैसले के बाद ग्रामीणों और स्कूली बच्चों में भी हर्ष है।
प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी खबरें
ज्ञात हो कि हमने संबंधित स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित की थी। मीडिया के जरिए विभाग के संज्ञान में मामला आने के बाद वैकल्पिक इंतजाम ही होते आ रहे थे,समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा था। जिससे नाराज ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया था। कहीं ताला बंदी तो कहीं उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रशासन को मिली थी। जिसके बाद मामले में जिला पंचायत उपाध्यक्ष / सभापति शिक्षा स्थाई समिति तोमन साहू ने सक्रियता दिखाई और शासन से चार स्कूलों के लिए राशि स्वीकृत कराई है। उम्मीद की जा रही है जल्द से जल्द उन स्कूल भवनों का नवनिर्माण शुरू हो जाएगा।
