बालोद – 32 वां राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 18.01.2021 से 17.02.2021 के दौरान चल रहा है इसी क्रम गुरुवार को यातायात जागरूकता रथ के माध्यम से ग्राम सांकरा क के साप्ताहिक बाजार में नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया है। यातायात प्रभारी आरएस सिन्हा ने बताया एसपी के निर्देश पर इस बार शहर के साथ गाँव में भी जागरूता अभियान चला रहे हैं बाजारों व सार्वजनिक स्थानों में जाकर लोगों को ट्रैफिक के नियम बता रहे हैं। ज्ञात हो कि एसपी जितेंद्र सिंह मीणा ने भी कहा कि हमारी प्लानिंग इस बार सड़क हादसों में 10 से 20% तक कमी लाने की है। इसी को ध्यान में रखकर पूरे 1 माह अभियान चलाया जा रहा है और इसके लिए अलग अलग तरह से योजना बनी है। जिस पर हमारे सभी स्टाफ व थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
2020 में हुई 124 मौत
बालोद जिले में 2019 में 167 मौत हादसों से हुई है। पिछले साल से इस बार 2020 में हादसों में कमी आई। लॉक डाउन के दौरान कमी आई व पहल हुई। डीएसपी दिनेश सिन्हा व टीआई ट्रैफिक आरएस सिन्हा लगातार काम करते रहे। 2020 में 124 मौत हुई। छग में साल भर 4500 मौत होती है। जिसमें युवा वर्ग 15 से 35 के होते हैं
थानेवार ये है हादसों का ग्राफ, वहीं कर रहे फोकस

हादसों के मामले में गुरुर थाना टॉप 1 में है। गुरुर थाने में सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। क्योंकि वहां पुरूर से कोचवाही तक नेशनल हाइवे चारामा पड़ता है। पुरूर से बालोद रोड में भी ज्यादा हादसा होता है। दूसरा स्थान बालोद थाने का है। बालोद से कुसुमकसा रोड में हादसे होते हैं। तीसरा स्थान डौंडी थाना है। जहां राजनांदगांव मार्ग है। चौथा दल्ली व पांचवा लोहारा थाना आता है। सभी जगह हाइवे हैं। इन टॉप 5 पुलिस स्टेशन हैं दुर्घटना के मामले में। इस बार का लक्ष्य हादसे में 10 से 20 फीसदी कमी लाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान देकर उन्ही थानों पर फोकस किया जा रहा है।
