बड़ी खबर – कोरोना काल में शिक्षा को लेकर फिर उबाल! छग सहायक शिक्षक फेडरेशन ने डीईओ पर लगाया शिक्षामंत्री के आदेश की अवहेलना आरोप, पढ़िये आखिर क्या है पूरा मामला?



बालोद – एक तरफ कोरोनाकाल में शिक्षक समुदाय दिन रात एक करके बच्चों को पढ़ाने में व्यस्त हैं, (जबकि शिक्षामंत्री के अनुसार मुहल्ला क्लास स्वैच्छिक है इसे लेने किसी भी शिक्षक पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा) वही दूसरी तरफ हमारे ही जिले के जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षकों को मानसिक रूप प्रताड़ित करने का सिलसिला निरंतर जारी है। इस पर छग सहायक शिक्षक फेडरेशन विरोध में उतर आया है। उन्होंने डीईओ पर शिक्षा मन्त्री के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया है।       जिन स्कूलों में दर्ज संख्या कम है वहां नियमित तथा जिन स्कूलों में दर्ज संख्या अधिक है वहां पालियों में पढ़ाई कराई जा रही है, शिक्षा मंत्री का स्पष्ठ आदेश है की बच्चों को मुहल्ला में पढ़ाना शिक्षको के स्वेच्छा पर निर्भर करता है उन पर किसी भी प्रकार का दबाव नही बनाया जायेगा। फिर भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बेवजह शिक्षको को परेशान किया जा रहा है। पढ़ाई के साथ-साथ शिक्षकों को रोज रोज नई नई जानकारी भी बिना वजह मात्र परेशान करने के लिए मंगवाई जा रही है।

        शिक्षा में जितने भी नित नए प्रयोग होते हैं वे शिक्षकों के द्वारा ही किए जाते हैं ये मुहल्ला क्लास, लाउडस्पीकर से पढ़ाई,एसएमएस से पढ़ाई, मिस्स काल लगाकर पढाई ये सब शिक्षकों ने ही बच्चों को ध्यान में रखकर ईजाद किया है।

     इससे पहले भी हमारे जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को हराम का वेतन खाने वाले इस संबोधन से संबोधित किया जा चुका है जिस पर आज तलक कोई कार्रवाई नहीं हुई, आज पुनः गुण्डरदेही ब्लाक के कुछ शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। पूछता है शिक्षक समुदाय ये तानाशाही रवैया कब तक…?

    इस मामले में संज्ञान लेते हुए सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला बालोद के जिलाध्यक्ष देवेंद्र हरमुख ने शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लेने की मांग की है. कार्यवाही वापस न लेने की दशा में जिला फेडरेशन ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही कहा है की जब पढाई करवानी ही है तो स्कुलो को खोलने तथा वही सुचारू रूप से स्कुल लगाने के आदेश की मांग की है।

यह भी एक दुर्भाग्य

बालोद जिले के शिक्षक जहां शिक्षा के क्षेत्र में नित नए प्रयोग कर रहे हैं वहीं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उन्हें प्रोत्साहित ना करके हमेशा हतोत्साहित किया जाता है शिक्षक दिवस के दिन जो सम्मान शिक्षकों को मिलता है पूरे राज्य और पूरे देश में एक मात्र बालोद जिला ही इस पुरस्कार से अभी तक वंचित है जहां जिला शिक्षा अधिकारी ने किसी भी प्रकार का कोई आयोजन नहीं किया 5 सितंबर को होने वाला शिक्षक सम्मान समारोह जनवरी में पिछले सत्र में भी हुआ था जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है एवं इस बार तो यह सम्मान कार्यक्रम आज पर्यंत नहीं हुआ है जिसका छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन जिला इकाई बालोद घोर निंदा करता है.

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