बालोद। बालोद जिला अस्पताल सहित बगल में संचालित जच्चा बच्चा अस्पताल में महिला चिकित्सा की कमी के चलते खासतौर से प्रसव के केस रेफर कर दिए जाते हैं। तो वहीं अन्य चिकित्सकों की भी यहां कमी बनी हुई है। इस समस्या को लेकर बालोद नगर सहित आसपास के जागरूक युवाओं की टीम ने सीएमएचओ के नाम से ज्ञापन सौंप कर महिला चिकित्सक नियुक्ति और अन्य व्यवस्था सुधारने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि बालोद जिले के लिए वरदान मातृ-शिशु अस्पताल आज भी सुविधाओ की कमी के चलते अभिशाप सिद्ध हो रहा है। उक्त अस्पताल में दिनांक 04 जनवरी 2025 को मेडकी निवासी चन्द्रकांत सेन की पत्नि विगत दो दिनों से भर्ती थी जिन्हे यह आश्वासन मिला था कि आपके शिशु की जचकी आसानी से यहा करा लिया जाएगा। जचकी वाले दिन अचानक शाम को उनके परिजनो को यह सूचना दी जाती है कि वर्तमान में यहा चिकित्सक नहीं है आप कही और जाकर जचकी करवा लीजिए। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण सूचना है कि जिले का सर्व सुविधायुक्त कहा जाने वाला अस्पताल में चिकित्सक नहीं है। सीएमएचओ को बताया गया कि यह सिर्फ एक घटना नहीं है। इसके पूर्व भी कई बार ऐसी लापरवाही सामने आ चुकी है।
इसलिए जिला अस्पताल व मातृ-शिशु अस्पताल की व्यवस्था सुधार करने व शासन से तत्काल महिला चिकित्सक की पूर्ति करवाने की मांग की गई। अन्यथा सभी जिला अस्पताल विरूद्ध आंदोलन करने बाध्य होंगें। ज्ञापन देने के लिए वैभव शर्मा, देवेंद्र साहू, आयुष राजपूत, दीपचंद, पंकज ठाकुर, अजय, देव कुमार, झमेश साहू आदि पहुंचे थे।
जिला और जच्चा बच्चा अस्पताल में महिला चिकित्सक नहीं, प्रसव केस में की जा रही लापरवाही, युवाओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
