बालोद/ गुरुर। गुरुर के दुर्गा चौक वार्ड 8 की निवासी कमला देवदास का विगत 2 नवंबर शनिवार को निधन हो गया था। जिनका अंतिम संस्कार 3 नवंबर रविवार को किया गया। साथ ही 5 नवंबर मंगलवार को तीज नहावन और संपूर्ण कार्यक्रम रखा गया है। इस निधन पर शोक जताते हुए गुरुर नगर के भागवत समिति के महिलाओं ने श्रद्धांजलि दी। जो स्व. कमला देवदास (उम्र 80 वर्ष) के सानिध्य में ही कार्य कर रही थी। और धर्म कर्म को बढ़ावा देते रहे। इस निधन पर भागवत समिति की महिलाओं ने शोक जताते हुए मां के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं परिवार से कमला देवदास के पुत्र दीपक देवदास पत्रकार ने श्रद्धांजलि देते हुए माता को स्मरण करते कहा कि ऐसा नहीं कि मां को बनाकर खुदा ने जश्न मनाया, बल्कि सच तो यह है कि वह बहुत पछताया, कब उसका एक एक जादू किसी और ने चुरा लिया,वह जान भी नहीं पाया। खुदा का काम था मोहब्बत,वह मां करने लगी। खुदा का काम था हिफाजत,वह मां करने लगी। खुदा का काम था बरकत,वह भी मां करने लगी। देखते ही देखते उसकी आंखों के सामने कोई और परवरदिगार हो गया। वह बहुत मायूस हुआ बहुत पछताया। क्योंकि मां को बनाकर खुदा बेरोजगार हो गया। इस तरह मां का प्रत्येक के जीवन में बड़ा महत्व है। पत्रकार दीपक देवदास ने अपनी मां के संपूर्ण कार्यक्रम के शोक अवसर पर सभी को आमंत्रित करते हुए पुण्य आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है।
भागवत समिति ने दी स्वर्गीय कमला देवदास को श्रद्धांजलि, संपूर्ण कार्यक्रम आज
