DAILY BALOD NEWS

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खराब धान उठाव के दबाव पर सांसद ने संभाला मोर्चा, केन्द्रीय मंत्री को राइस मिलर के हित में लिखी यह चिठ्ठी, बोले बिना गुणवत्ता जांच हो रहा काम

बालोद कांकेर लोकसभा के सांसद मोहन मंडावी ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को एक चिट्ठी लिखी है।जिसमें उन्होंने राइस मिलर पर खराब धान के उठाव के लिए बनाये जा रहे दबाव को लेकर बात कही है। सांसद मोहन मंडावी ने लिखा है कि 2019-20 में छत्तीसगढ़ सरकार की नियंत्रण विहीन खरीदी एवं रखरखाव में घोर लापरवाही की वजह से धान की बड़ी मात्रा खराब एवं अमानक हो गया है। वर्ष भर में राईस मिलर्स पर दबाव पूर्वक मिलिंग कराकर चावल जमा कराया गया। वर्तमान में पुरे प्रदेश में 2019-20 का बचत धान पूर्ण रूप से अमानक हो चुका है। जिसके कारण आज तक कस्टम मिलिंग का कार्य पूर्ण नही हो सका है। धान की गुणवत्ता अमानक होने के कारण राईस मिलर कस्टम मिलिंग करने में रूचि नहीं ले रहे है। राज्य सरकार को भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से उक्त बचत धान का भौतिक सत्यापन कराने हेतु निर्देश प्राप्त हुआ था, परंतु उक्त निर्देश के अनुक्रम में केवल मात्रात्मक परीक्षण कराया गया है। जबकी बचत धान की गुणवत्ता की भी जॉच कराया जाना अति आवश्क था। लेकिन उक्त धान का गुणवत्ता परीक्षण भारतीय खाद्य निगम रायपुर छ.ग. द्वारा नहीं किया गया। आज वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न संग्रहण केन्द्रो में रखा भंडारित धान मानव खाने योग्य नहीं है। उसके बाद भी उक्त अमानक धान को राईस मिलर्स का डीओ जारी कर 31 जनवरी 2021 तक मिलिंग पूर्ण कर चावल जमा करने हेतु राज्य सरकार द्वारा अनुचित दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से मांग की है कि छत्तीसगढ में विगत 2019-20 में बचत धान की गुणवत्ता की जांच की जाए। भारतीय खाद्य निगम / सी.जी.ए.एल. लैब में निष्पक्ष जांच करायी जाए।

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