आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा स्कूल में स्वच्छता पखवाड़ा का हुआ सफल कार्यक्रम आयोजन



स्वच्छ शरीर में स्वस्थ मन निवास करती है,स्वच्छता हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है,हमें अपने आप को हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए: दयालूराम पिकेश्वर

बालोद। डौण्डी लोहारा विकासखंड के आदिवासी वनांचल ग्राम मड़ियाकट्टा स्कूल में हर साल स्वच्छता पखवाड़ा का सफल आयोजन स्कूल में किया जाता है। राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने जानकारी देते हुए कहा वर्ष 2024 स्वच्छता अभियान क्रियान्वयन का 9वां वर्ष है।01से15 सितंबर के मध्य स्वच्छता पखवाड़ा को सफल बनाए जाने के लिए छात्र शिक्षक व समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राज्यपाल पुरुस्कृत प्रधान पाठक दयालूराम पिकेश्वर ने स्वच्छता पखवाड़ा अभियान से हमें क्यों आवश्यक है।स्वच्छ शरीर में स्वस्थ मन निवास करती है। स्वच्छता हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमें अपने आप को हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए। अपने गांव देश को स्वच्छ हमारा कर्तव्य है
स्वच्छता से तन और मन दोनों स्वस्थ रहते है।यह गंदगी को फैलने से रोकती है। व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ वातावरण के लिए स्वच्छता बहुत महत्वपूर्ण है। इस अभियान का उद्देश्य स्कूलों में स्वच्छता प्रबंधन को मज़बूत करना। और विद्यार्थियों शिक्षकों तथा समाज के लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। मड़ियाकट्टा स्कूल स्वच्छता पखवाड़ा शुरूआत तिथिवार विभिन्न गतिविधियों आयोजन हुआ।

स्वच्छता शपथ दिवस

सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्वच्छता। की शपथ दिलाई और विद्यार्थियों को प्रार्थना के दौरान स्वच्छता पर अपने विचारों का आदान-प्रदान कर स्वच्छता जागरूकता के संदेशों को समुदाय पहुचाने की अपील की गई।

स्वच्छता जागरूकता दिवस

बाल संसद यूथ एवं इको क्लब के छात्र शिक्षकों के साथ बैठक कर हाथ धुलाई जल संरक्षण वर्षा जल संग्रहण के लिए प्रेरित कर प्रोत्साहित किया गया। शिक्षकों के द्वारा शाला स्वच्छता का अवलोकन एवं स्वच्छता सुविधाओं कीटाणुशोधन शौचालय का उपयोग जल का उपयोग वेंटिलेशन अपशिष्ट प्रबंधन इत्यादि पर चर्चा शाला के शौचालय मध्यान्ह भोजन रसोईघर कक्षाओं पंखें दरवाजा खिड़कियों शाला परिसर और शाला के आसपास क्षेत्र की साफ सफाई कराया गया।

सामुदायिक पंहुच दिवस

स्वच्छता,शौचालय का उपयोग एवं कचरा प्रबंधन के प्रति समुदाय को प्रेरित कर पर्यावरण संरक्षण जल संसाधनों की बर्बादी को रोकने जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

हरित शाला पहल दिवस

छात्रों को जल संरक्षण सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने जैसे विषयों पर कल्पनाशील नारे पोस्टर तैयार कराया गया जिसे स्कूल में प्रदर्शन के लिए रखा गया ।

स्वच्छता सहभागिता दिवस

शाला स्तर पर स्वच्छ शाला परिसर एवं स्वच्छ शौचालय पर प्रतियोगिता का आयोजन कर स्वच्छता पर निबंध नारा,भाषण, पश्नोत्तरी, पेंटिंग, कविता,स्वच्छता पर वाद-विवाद एवं माडल बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

हाथ धुलाई दिवस

दैनिक जीवन में हाथ धुलाई की आवश्यकता पर बच्चों को भोजन के पूर्व एवं शौच के पश्चात सही ढ़ंग से साबुन से हाथ धुलाई का तरीका हाथ धुलाई कर बताया गया। बच्चों को जल जनित रोग,बीमारियों पीने के पानी का सुरक्षित प्रबंधन पर जागरूक किया गया।

व्यक्तिगत स्वच्छता दिवस

बच्चों में व्यक्तिगत स्वच्छता को बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता विषय पर कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों के नाखून काट कर, दांत, कपड़ा आंख,कान,एवं शारीरिक स्वच्छता का अवलोकन किए।
छात्रों को शौचालय के उपयोग व पीने के पानी का स्वच्छ तरीके से उपयोग करना सिखाया गया।
बच्चों को नियमित आदत बनाकर दिन में दो बार दांत साफ करने महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

स्वच्छता स्कूल प्रदर्शनी दिवस

स्कूल में स्वच्छता प्रदर्शनी का आयोजन किया जिसमें बच्चों द्वारा बनाई गई स्वच्छता फोटो चित्र नारे पोस्टर माडल आदि का प्रदर्शन कर स्वच्छता अभियान का प्रसार प्रचार और जागरूकता हेतु समाचार पत्र का उपयोग किया गया।कुछ प्रदर्शनीय का दस्तावेजीकरण किया गया।और कचरा प्रबंधन के लिए स्थानीय पुन: उपयोग में लाए जा सकने वाले कलात्मक कचरा पेटी को स्थानीय वस्तुओं तैयार करने बारे बताया गया।

स्वच्छता कार्यवाही दिवस

समग्र शिक्षा योजना के तहत स्कूलों की स्वच्छता कार्ययोजना के बारे में शाला प्रबंध समिति के माध्यम से बच्चों पालकों स्थानीय लोगों जागरूक किया गया। बाल संसद की छोटे समुह बैठक बुलाकर स्वच्छ ता पखवाड़ा की गतिविधियों पर चर्चा किया गया।

पुरस्कार वितरण समारोह दिवस

स्वच्छता अभियान दोरान आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर समस्त गतिविधियों एवं कार्यो में से उत्कृष्ट गतिविधियों जिला,राज्य की वेबसाइट पर अपलोड करना है। इस अभियान को सफल बनाने शिक्षक परसराम साहु दीनदयाल अटल सुनिल कुमार अलेन्द्र नारदराम भुआर्य एवं बच्चों का सक्रिय योगदान रहा।

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